25 से चलेगी किसान रेल: पर भंडारा में स्टापेज नहीं, पटोले, मेंढे की प्रतिष्ठा दांव पर

  • पटोले एवं मेंढे पर टिकी उम्मीदें
  • भंडारा रोड में दें स्टापेज : बंडू बारापात्रे

– विजय खंडेरा

भंडारा. भारतीय रेलवे द्वारा किसानों को मदद करने तथा कृषि उत्पादों की तेज ढुलाई के उद्देश से किसान रेल चलाने का फैसला लिया है.  दपूर्व मध्य नागपुर मंडल द्वारा छिंदवाडा से हावडा के बीच 25 नवंबर से किसान रेल दौडेगी. सब्जी एवं कृषि उत्पाद निर्यातक की भूमिका निभाने वाले भंडारा जिले के लिए यह किसान रेल किसी सौगत साबित हो सकती थी. अलबत्ता उसे भंडारा रोड रेलवे स्टेशन में स्टापेज दिया जाता. लेकिन हैरानी की बात है कि किसान रेल को इतवारी स्टेशन के बाद सिधे गोंदिया स्टेशन पर स्टापेज दिया गया है.

दपूमरे मंडल रेल प्रबंधक मनिंदर उप्पल के नेतृत्व में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विकासकुमार कश्यप के प्रयास से 28 अक्टूबर से छिंदवाड़ा से हावड़ा तक सफल परिचालन किया गया था. इसी क्रम में 25 नवंबर को फिर एक बार किसान रेल चलाने का निर्णय लिया गया है. किसान रेल सुबह 5 बजे छिंदवाड़ा से प्रस्थान करेगी. सौसर, सावनेर, इतवारी, गोंदिया, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउलकेला, चक्रधरपुर व टाटानगर होते हुये अगले दिन हावड़ा 12 बजे पहुंचेगी. इन सभी स्टेशनों पर किसान / व्यापारी वर्ग अपना पार्सल चढ़ा-उतार सकते हैं.

सब्जी एवं कृषि के लिए बडी उम्मीद

किसान रेल बेमिसाल है. किसान भाड़ा में 50% का लाभ भी ले सकते है.  किसान ट्रेन में 1 क्विंटल के लिए लगभग 300 रु. की लागत आएगी. सड़क परिवहन की अपेक्षा कृषि उत्पादों की त्वरित ढुलाई सुनिश्चित होगी.

किसान रेल के परिचालन से फल-सब्जियां, दूध और जल्द खराब होने वाली खाद्द सामग्री की ढुलाई सुगम, सुचारु, सुरक्षित व कम दामों पर व फल- सब्जियों की ढुलाई में 50% की छूट के साथ किसान / व्यापारी वर्ग इस सुविधा लाभ उठा सकते है. कम लागत पर अपने उपज नए संभावित मार्केट तक भेजना संभव हो सकेगा. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और व्यापारी वर्ग / किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को ही फायदा होगा.

भंडारा से पूरे देश में सब्जियां और अनाज का निर्यात

भंडारा जिले को धान का कटोरा कहा जाता है. खुशबूदार वेरायटी का चांवल बडे महानगर के अलावा विदेश में निर्यात होता है. सब्जियों के मामले में भंडारा जिला स्वयं पूर्ण हो चुका है. भंडारा शहर में बीटीबी सब्जी मंडी में पूरे जिले से किसान सब्जियां बेचने एवं खरीदने के लिए आते है. एक अनुमान के अनुसार प्रति दिन 200 ट्रक सब्जी एवं फलों का कारोबार भंडारा में आता है. किसान बताते है कि भंडारा जिले की सब्जियां बंगाल से लेकर दिल्ली तक जाती है. मुंबई एवं पुणे में भी भेजी जाती है. ऐसे में किसान रेलवे जैसी शीघ्र परिवहन सुविधा मिल जाती तो भंडारा जिले के किसानों की किस्मत खुल जाती.

पटोले एवं मेंढे पर टिकी उम्मीदें

भंडारा जिले में सब्जी खेतियों का क्षेत्र बढ रहा है. क्योंकि इसमें नगदी तुरंत मिलती है. धान एवं अन्य फसल की तरह लंबा इंतजार नहीं करना पडता. फायदा अच्छा होने की वजह से युवा किसान सब्जी, फुल एवं फल उत्पादन के क्षेत्र में उतर रहे है. अगर भंडारा में किसान रेल का स्टापेज मिल जाए तो जिले में समृद्धि आने से कोई रोक नहीं पाएगा. लेकिन मलाल है कि विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले का जिला होने के बावजूद भंडारा को किसान रेल के स्टापेज से वंचित रखा गया है. भाजपा सांसद सुनिल मेंढे के लिए भी यह प्रतिष्ठा का विषय होना चाहिए कि जिले के सब्जी एवं कृषि उत्पादक किसानों की भलाई के लिए भंडारा रोड में किसान रेल का स्टापेज दिया जाना चाहिए.

भंडारा रोड में दें स्टापेज :  बंडू बारापात्रे

बीटीबी सब्जी मंडी, जिसमें प्रतिदिन 5000 के लगभग सब्जी उत्पादक किसान आते है. प्रतिदिन करोड़ों रुपयों को कारोबार होता है. बीटीबी सब्जी मंडी अध्यक्ष बंडू बारापात्रे ने बताया कि अगर भंडारा रोड में किसान रेल को स्टापेज मिलता है, किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी. उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने में मद्द मिलेगी. रेल के स्टापेज के लिए जिले राजनीतिक हस्तियां एवं प्रशासन को आवश्यक कदम उठाना चाहिए. केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि दिल्ली एवं मुंबई के लिए किसान रेल चलानी चाहिए. इन सभी ट्रेनों का स्टापेज भंडारा में देने चाहिए.