Nashik vegetables in Mumbai kitchens
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    पालांदूर. कोरोना की दूसरी लहर से यद्यपि राहत मिली है लेकिन बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. कोरोना की दूसरी लहर से काफी राहत मिलने के बाद अनलाक की प्रक्रिया आरंभ हुई है. इसमें सब्जियों की कीमतों में वृद्धि ने लोगों का बजट गड़बड़ कर दिया है.

    फरवरी से कोरोना की दूसरी लहर ने भंडारा जिले के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कोहराम मचाया था. इस दौरान मरीज व मौतों की संख्या में भारी वृद्धि के कारण प्रशासन द्वारा सख्त पाबंदियां लगाई गई थी. लाकडाउन लगा दिया गया था लेकिन जैसे ही मरीजों की संख्या कम हुई वैसे ही लाकडाउन में कुछ प्रतिशत छूट दी गई दी गई.

    अनलाक में दुकानों को भी सुबह से रात 7 बजे तक अनुमति दी गई है. अनलाक के बाद कुछ ही दिनों में सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई. इससे लोगों को आर्थिक झटका सहना पड़ रहा है. सब्जी की कीमतों में वृद्धि के कारण कई हैं. दरों में वृद्धि से घरेलू बजट गड़बड़ा गया है.

    कोरोना के कारण कई लोग बेरोजगार हो गए हैं लोग वित्तीय संकट में फंस चुके है. कोरोना का प्रभाव सभी क्षेत्रों पर पड़ा है ऐसे में बढ़ती महंगाई के कारण लोगों को जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है. एक तरफ तेल की कीमतें, जीवनावश्यक किराना सामानों के दाम दाल चावल के दाम बढ़ रहे है तो दूसरी तरफ सब्जियों के दाम बढ़ रहे है.

    सब्जियों के दाम बढ़ने से महिलाओं को किचन का बजट संभालना कठिन हो गया है. सब्जियों के दाम आसमान छूते हुए नजर आ रहे है. ऐसी बढ़ती महंगाई में खाने में क्या बनाया जाए यह विचार महिलाओं को सता रहा है.