Health workers should be regularized in the service, Vic President Patole gave instructions

  • विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने दिया निर्देश

भंडारा. राज्य में जिला परिषदों के अंतर्गत बंधपत्रिक स्वास्थ्य सेविकाओं की सेवाओं के नियमितीकरण के बारे में, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सकारात्मक रवैया रखते हुए तत्काल कार्रवाई करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने दिया.

इस संदर्भ में, महाराष्ट्र राज्य जिला परिषद स्वास्थ्य सेवा संघ के अनुरोध पर 30 जून, 2020 को आज विधान भवन, मुंबई में एक बैठक आयोजित की गई.  बैठक में अनूपकुमार यादव, प्रमुख सचिव, वत्ति, नितिन गद्रे, ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव पंडित जाधव और वरष्ठि अधिकारी उपस्थित थे.

सेवा की आवश्यकता को देखते हुए, सरकार ने वर्ष 2006 के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशक्षिति किया और एक नश्चिति अवधि के लिए उनकी सेवा शुरू की.  उनकी सेवा के लिए सेवा पुस्तिकाएँ भी तैयार की गईं.  उन्होंने इस उम्मीद में अपना काम जारी रखा कि सेवा पुस्तिका उन्हें समायोजित करने के लिए तैयार होगी.  इन सभी ने सरकारी सेवा के लिए पात्र होने की आयु सीमा भी पार कर ली है. कई जिला परिषदों के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया और कुछ को सेवा में समायोजित किया. हालांकि, कुछ जिला परिषदों ने उस समय सरकार से मार्गदर्शन मांगा था.

जिससे कुल 427 बंधपत्रिक स्वास्थ्य सेविका सरकारी सेवा में शामिल नहीं हो सके.  वर्तमान कोविड -19 महामारी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली अत्यावश्यक आवश्यकताओं और आयु सीमा को पार कर चुकी सेवाओं को सकारात्मक दृष्टिकोन रखने का मार्गदर्शन विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने दिया.

उन्होने कहा कि इन स्वास्थ्य कर्मियों को जिला परिषद की सेवा में बनाए रखने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. नाना पटोले ने बैठक के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा की.  बैठक के अंत में, महाराष्ट्र राज्य जिला परिषद स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष अरुण खरमाटे ने धन्यवाद दिया. (एजेंसी)