सरपंच पर अविश्वास प्रस्ताव खारिज, 17 सदस्यों पर भारी पड़े सरपंच

अडयाल-चिचाल. ग्रापं क्षेत्र में विकास कार्य करते समय नियमों का पालन नहीं करना, किसी को विश्वास में नहीं लेना, पिछले 3 महीने से पदाधिकारियों के साथ नागरिकों का अपमान करने के आरोप में एक महिला सरपंच जयश्री कुंभलकर अडयाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. गुरुवार को लिए गए अविश्वास चुनाव में सरपंच कुंभलकर ने 574 मतों से सफलता हासिल कर अविश्वास का प्रस्ताव खारिज किया. पवनी तहसील के सबसे बड़ी ग्रापं अडयाल के 17 सदस्यों ने सरपंच जयश्री कुंभलकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था.

प्रकाश हाईस्कूल एवं कनिष्ठ महाविद्यालय के प्रांगण में सुबह 11 बजे तक मतदान पंजीयन लिया गया. विशेष बैठक लेकर विषय पत्रिका को पढ़ा गया. मतदाता पंजीयन होने के बाद कुल 2647 पंजीकृत मतदान हुए. इनमें से कुल 2,492 मतदान हुए. शाम 6.30 बजे मतगणना को शुरूआत हुई. इसमें 895 मतदान अविश्वास प्रस्ताव के बाजू एवं 1470 मतदान अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ प्राप्त हुए.

576 मतों से अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. सार्वजनिक रूप से नियुक्त सरपंच जयश्री कुंभलकर को 576 मतदान मिले. जिसके कारण सरपंच पद पर फिर से एक बार विराजमान होने से गांव में कार्यकर्ताओं द्वारा आतिशबाजी की गई.

चुनाव अधिकारी के रूप में खंडविकास अधिकारी प्रमिला वालूंज, नायब तहसीलदार कांबले, अडयाल के थानेदार सुशांत पाटील का कडा बंदोबस्त था. सरपंच जयश्री कुंभलकर ने कहा कि मुझ पर ग्रापं सदस्य व कुछ उपद्रवियों द्वारा लगाए गए आरोप झूठे थे. सरपंच के अविश्वास चुनाव में जनता ने मुझ पर जो आरोप लगाया वह झूठा साबित हुआ है.