पालांदूर ग्रा.पं. में “मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी”

  • ग्रामविकास अधिकारी ने खुद के स्वास्थ्य की जांच करके किया शुभारंभ

पालांदूर (सं). पालांदूर ग्रामपंचायत की ओर से माझे कुटुंब, माझी जबाबदारी अभियान की शुरुआत की गई।  सरपंच पंकज रामटेके की उपस्थिति में ग्रामविकास अधिकारी धनराज बावनकुले ने सर्वप्रथम खुद के स्वास्थ्य जांच  करके अभियान का शुभारंभ किया. इस  अभियान के अंतर्गत ग्रामपंचायत की हद में आने वाले हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जांच करके उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा के बारे में जानकारी दी जाएगी. अभियान के शुभारंभ के मौके पर सरपंच पंकज रामटेके ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे के आदेश पर सरकार ने माझे कुटुंब माझी जबाबदारी अभियान शुरु किया है. रामटेके ने बताया कि महाराष्ट्र को कोरोना मुक्त करने के लिए चलायी जा रहे इस अभियान के अंतर्गत हर नागरिक के घर-घर जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है.   इतना ही नहीं अग किसी को गंभीर बीमारी हो उसका उपचार तथा उनसे मुलाकात करके सरपंच होने के नाते महत्त्व समझाएंगे.  इस   अभियान के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त की जाएगी कि घर के कौन का सदस्य कोरोना प्रभावित है और कौन सा नहीं।

जांच के दौरान अगर यह पता चला कि घर के किसी सदस्य को कोरोना महामारी के लक्षण हैं तो उसका स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर इजाल कराया जाएगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तथा जन प्रतिनिधि की भूमिका महत्त्वपूर्ण रहेगी. सरकार के इस अभियान में सभी शामिल होकर कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में सहयोग दें, ऐसा  आह्वान सरपंच पंकज रामटेके ने किया है.

इस मौके पर डॉ. अमित जवंजार (चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरमाडी),राजुभाऊ थाटकर  (स्वास्थ्य सेवक पालांदुर),डी.के.कवाने (स्वास्थ्य सेवक), कु. भाग्यश्री मदनकर (स्वास्थ्यसेविका),  रोहित शहारे (परिचर,  ग्राम विकास अधिकारी बावनकुले, ग्राम पंचायत) उप सरपंच कापसे तथा सदस्य, ग्राम तथा महिलाएं उपस्थित थी.

कोरोना का कहर ग्रामीण क्षेत्र में भी फैल रहा है., इस वजह से माझे कुटुंब माझी जबाबदारी अभियान के तहत ग्रामवासियों को खुद तथा अपने परिवार के लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करना जरूरी है. कोरोना महामारी से मिलते- जुलते लक्षण दिखायी देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साधने के निर्देश इस अभियान के तहत दिए जा रहे हैं.  सरकार की ओर से इस मामले में जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालक करना बहुच जरूरी है. इसी तरह गांव सुरक्षित रखने तथा कोरोना को भगाने के लिए गांव वाले मदद करें, ऐसी अपील की गई है.