ऑनलाइन खरीदी में धोखाधड़ी होने का खतरा

भंडारा (का). शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अब ऑनलाइन खरीददारी बोलबाला बढ़ गया है. ऑनलाइन खरीदी में पैसों की बचत होती है, लेकिन पैसों की इसी बचत में की जा रही धोखाधड़ी के बारे में किसी को पता ही नहीं चलता. कुछ बोगस घोषणाओं के कारण ग्राहक ऑनलाइन खरीदी के प्रति आकृष्ट हो जाता है.

शहरी क्षेत्रों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑनलाइन खरीदी का क्रेज बढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ऑनलाइन खरीदी में ज्यादा फंसाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में कैसलेश पद्धति को महत्व दिया जाने लगा है. नगद की जगह चेक, एटीएम, डिमांड ड्राफ्ट, नेट बैकिंग आदि का प्रचलन बढ़ गया है.

शहरी जनता के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की जनता भी ऑनलाइन बैंकिंग को महत्व देने लगे हैं. वर्तमान दौर में घर-घर में ऑनलाइन बैकिंग का रिवाज ही बन गया है.  आर्थिक लेन-देन की इस नई व्यवस्था में ग्राहकों के साथ किस तरह की धोखाधड़ी की जा रही है, इसका पता बहुत से ग्राहकों को हो चल ही नहीं पाता. ऑनलाइन खरीदी के प्रति ग्राहकों को आकृष्ट करने के बीच हो रही धोखाधड़ी यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक इसकी तह में जाकर यह पता नहीं लगाया जाएगा कि दाल में कहां काला है, तब तक ऑलनाइन खरीदी की आड़ में धोखाधड़ी जारी रहेगी, ऐसा भी दावा किया जा रहा है.