COVID Center, Lakhani

  • राष्ट्रीय कार्यों में शामिल हुए लोगों का पंजीयन किया जाए 

लाखनी (का). कोरोना महामारी होने की जानकारी होते ही अपने रिश्तेदार, दोस्त और आसपास के लोग दूर भले ही चले जाए, लेकिन कोविड केंद्र पर कार्यरत अधिकारी तथा कर्मचारी अपने प्राणों की चिंता न करते हुए कोरोना मरीज की सुरक्षा करना राष्ट्रीय कार्य समझ कर प्रामाणिकता से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं.

कोरोना महामारी में सेवा कार्य करने वाले का नाम सेवा पुस्तक में राष्ट्रीय कार्य में सहभागी होने  वालों में दर्ज किया जाए, बीमा संरक्षण प्रदान करने के साथ- साथ इन लोगों को कोविड केंद्र की सेवा को अर्जित अवकाश के रूप में स्वीकार की जाए, ऐसी मांग जिला परिषद पिछड़ा वर्ग शिक्षा संगठन ने की है.

वर्तमान सभी ओर कोरोना महामारी का कहर बरपा हुआ है. लाखों लोग इस बीमारी के चपेट में आ चुके हैं. बहुत के लोग इस बीमारी कारण काल के गाल में समा गए हैं. स्वास्थ्य सेवा अपूर्ण होने तथा रोगियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से सरकार ने तहसील स्तर पर सरकारी इमारत में केविड केंद्रों का शुभारंभ किया गया.

इस केंद्र में कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा जाता है. इस केंद्र में कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार, सेवा-सुश्रुषा के लिए चिकित्साधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक- शिक्षकेत्तर कर्मचारी, सफाई कामगार सेवाएं दे रहे हैं. ये लोग केंद्र में भोजन वितरण समेत अन्य जिम्मेदारियों का वहन कर रहे हैं. इनका काम किसी योद्धा से कम नहीं है. ये अपना काम बड़ी प्रामाणिकता के साथ कर रहे हैं.

जिले के साथ-साथ तहसील स्तर के सभी कोरोना केंद्रों पर नियुक्त कर्मचारियों की ओर से तीन चरणों में सेवाएं दी जा रही हों, फिर भी इन लोगों को जरूरी संरक्षण नहीं दिया जा रहा है ऐसा दावा जिला परिषद पिछड़ा वर्ग शिक्षा संगठन ने किया है. कोविड केंद्रों पर सेवा देने वाले शिक्षक, शिक्षकेत्तर  कर्मचारी, नोडल अधिकारी समेत वहां काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को 50 लाख रुपए की बीमा सुरक्षा दी जाए और उनकी सेवा को राष्ट्रीय कार्य में दर्ज करके उन्हें सेवा पुस्तिका में अंकित सभी को प्रमाण पत्र दिया जाए.  इतना ही नहीं, ऐसे में सभी सेवा कर्मियों के काम का गौरव करते हुए उनकी सेवा कार्य के दिनों को अर्जित अवकाश में समाविष्ट करने की मांग जिला परिषद पिछड़ा वर्ग शिक्षक संगठन की के जिलाध्यक्ष प्रा. युवराज खोब्रागडे ने की है.