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खामगांव. नगर परिषद द्वारा 2016 में पर्यावरण पूरक गणेश मूर्ति विसर्जन का उपक्रम चलाया गया था. इसमें नप के ट्रैक्टर में तैयार किए गए जलकुंड में घर-घर जाकर गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया था. बाद में इन मूर्तियों को शहर के बाहर निर्माल्य किया गया, लेकिन भाजपा पार्षद ओम शर्मा ने गणेश मूर्तियों की अवमानना का मुद्दा उपस्थित कर शिवाजी नगर पुलिस थाने में शिकायत दी  थी. इस प्रकरण में तत्कालीन मुख्याधिकारी डी. ई. नामवाड ने नागपुर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. इस प्रकरण में न्यायालय ने पार्षद शर्मा को 1 लाख रुपयों का जुर्माना लगाने के आदेश दिए हैं. 

प्राप्त विवरण के अनुसार वर्ष 2016 में नप के ट्रैक्टर में तैयार किए गए जलकुंड में घर-घर जाकर गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया था. बाद में इन मूर्तियों को शहर के बाहर निर्माल्य किया गया था, लेकिन भाजपा पार्षद ओम शर्मा ने गणेश मूर्तियों की अवमानना का मुद्दा उपस्थित कर श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई यह कारण बताकर थाने में शिकायत दी थी. शिकायत पर तत्कालीन नगराध्यक्ष अशोकसिंह सानंदा, मुख्याधिकारी नामवाड व नप कर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे.

मुख्याधिकारी नामवाड के वकीलों ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान बताया कि यह फौजदारी मामला किसी व्यक्ति से बदला लेने हेतु या व्यक्तिगत गुस्सा निकालने हेतु जानबूझकर थाने में दर्ज किया गया. जबकि इस घटना से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई गई. न्यायालय ने इस युक्तिवाद को मान्य किया. दर्ज की गई शिकायत राजनीति से प्रेरित थी.  न्यायालय ने ओमप्रकाश शर्मा से 1 लाख रुपए जुर्माना वसूल कर याचिकाकर्ता मुख्याधिकारी नामवाड को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए हैं, अन्यथा ओम शर्मा के खिलाफ भादंवि की धारा 421 के तहत कार्रवाई करने के आदेश भी दिए . मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील शुव्रेस व न्यायमूर्ति माधव जामदार के समक्ष हुई. नामवाड की ओर से अधिवक्ता ए.एम.घारे ने पैरवी की.