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संग्रामपुर. अकाल के चलते मवेशियों को चारा, पानी के लिए व लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में सरकार की अनदेखी को देखते हुए हाल ही में स्वाभिमानी के प्रदेश अध्यक्ष

संग्रामपुर. अकाल के चलते मवेशियों को चारा, पानी के लिए व लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में सरकार की अनदेखी को देखते हुए हाल ही में स्वाभिमानी के प्रदेश अध्यक्ष रविकांत तुपकर के मार्गदर्शन में व युवा जिलाध्यक्ष प्रशांत डिक्कर की नेतृत्व में तहसील कार्यालय पर हजारों मवेशियों के साथ किसानों का संताप मोर्चा निकाला गया. मोर्चा को देखते ही प्रशासन अधिकारियों में खलबली मच गयी.

तहसीलदार को सौंपा मांगों का ज्ञापन
इस वक्त तहसीलदार को मांगों का निवेदन सौंपा गया. आने वाले पांच दिनों में मांगे पूरी नहीं होने पर नक्सलवादी की तरह आंदोलन करने की चेतावनी प्रशांत डिक्कर ने दी. निवेदन में किसानों को हेक्टेअर ५०,000 मुआवजा दिया जाए, मवेशियों को चारा, लोगों को पीने का पानी आदि मांगे की गयी. दोपहर को बस स्टैड से मोर्चा प्रारंभ हुआ. जिसमें तहसील के हजारों किसान अपने मवेशियों के साथ में शामिल हुए थे.

तहसीलदार को निवेदन देते समय मोहन पाटिल, उज्वल चोपडे, अनंता मानकर, योगेश मुरुख, नंदकिशोर बोडखे, सुनिल अस्वार, विलास तराले, योगेश वखारे, आशिष नांदोकार, गजानन आमझरे, राजू उगलकार, गोकुल गावंडे, सागर खानझोडे, पांडुरंग भिसे, हरिदास आमझरे आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.