15 को ‘रिटेल डेमोक्रेसी डे’ मनाएंगे व्यापारी

  • विदेशी ऑनलाइन कंपनियों का विरोध तेज
  • अनैतिक व्यापार के खिलाफ आक्रोश

मुंबई. देश के रिटेल व्यापार पर कब्जा करने के लिए भारत में कार्यरत विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक तरीकों और मनमानी के खिलाफ देश भर के व्यापारी अपना आंदोलन तेज कर रहे हैं. अब व्यापारिक महासंघ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने मंगलवार 15 दिसंबर को देशभर में ‘रिटेल डेमोक्रेसी डे’ मनाने की घोषणा की है. विरोधस्वरूप इस दिन महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों के हर जिलों में व्यापारी पहले ‘रिटेल प्रजातंत्र मार्च’ निकालेंगे और फिर हर जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपेंगे. इसके बाद भी सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो इस आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा.

व्यापारियों के लिए खतरा बनती कंपनियां

‘कैट’ के मुंबई महानगर अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि विदेशी कंपनियों की मनमानी बढ़ती जा रही है. ये खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए खतरा बनती जा रही है. बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. इसलिए हमें अपना आंदोलन तेज करने पर मजबूर होना पड़ रहा है. 15 दिसंबर व्यापारी ‘रिटेल डेमोक्रेसी डे’ के रूप में मनाएंगे. इस दिन देश के सभी राज्यों के जिलों में ज़िलाधिकारियों (DM) को स्थानीय व्यापारी संगठन एक ज्ञापन सौंपेंगे. यह ज्ञापन पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नाम होगा. साथ ही ज्ञापन सौंपने से पहले ‘रिटेल प्रजातंत्र मार्च’ निकाला जाएगा.

ई-कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के गठन की मांग

‘कैट’ के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि रिटेल डेमोक्रेसी डे के मौके पर ज्ञापन में प्रधानमंत्री से मांग की जाएगी कि सरकार जल्द से जल्द नई ई-कॉमर्स पॉलिसी घोषित करें.  साथ ही एक मजबूत और अधिकार संपन्न ई-कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन हो. ‘लोकल पर वोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Aatmnirbhar Bharat) को अमलीजामा पहनाने के लिए देशभर में व्यापारियों और अधिकारियों की एक संयुक्त समिति केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर पर गठित की जाए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में कुछ बड़ी और विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भारत के ई-कॉमर्स और रिटेल व्यापार में आर्थिक आतंकवाद जैसी गतिविधियों को लगातार जारी रखने के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है.

ई-कॉमर्स प्रावधानों का लगातार उल्लंघन

शंकर ठक्कर ने कहा कि कुछ बड़ी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में ई-कॉमर्स पॉलिसी के प्रावधानों का लगातार उल्लंघन कर रही हैं. जिसमें विशेष रूप से लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट देना, पोर्टल पर बिकने वाले सामान की इन्वेंटरी पर नियंत्रण रखना, माल बेचने पर हुए नुकसान की भरपाई करना, विभिन्न ब्रांड कंपनियों से समझौता कर उनके उत्पाद एकल रूप से अपने पोर्टल पर बेचना आदि शामिल हैं. इसलिए ‘कैट’ की महानगर इकाई ने शनिवार को को मुंबई महानगर क्षेत्र के कई व्यापारिक संस्थाओं की बैठक आयोजित की, जिसमें विदेशी ऑनलाइन कंपनियों द्वारा किए जा रहे अनैतिक व्यापार के खिलाफ रणनीति बनाई गई और 15 दिसंबर को महानगर विभाग के व्यापारी इकट्ठा होकर मुंबई, ठाणे और पालघर के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और ‘रिटेल प्रजातंत्र मार्च” निकाल कर ‘रिटेल डेमोक्रेसी डे’ मनाएंगे