20,000 अंक तक पहुंच निफ्टी दिसबंर तक!, इन शेयरों में हैं निवेश के अवसर

    मुंबई : वैश्विक बाजारों संग भारतीय शेयर बाजार (‍Stock Market) में भी जबरदस्त तेजी का दौर यानी ‘बुल रन’ (‍Bull Run) जारी है। हालांकि भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा तेजी है। इसका कारण है इंडियन इकनॉमी में तेज ग्रोथ और कार्पोरेट इंडिया का बढ़ता मुनाफा। इस वजह से वैश्विक झटकों के बावजूद भारतीय बाजार बढ़ता ही जा रहा है। यह तेजी चौतरफा है। लार्ज, मिड और स्माल कैप, सभी अच्छे शेयरों में तेजी है। पहली बार सेंसेक्स (Sensex) 61,300 के आंकड़े को पार हुआ है तो निफ्टी (Nifty) 18,300 अंक, मिडकैप (Midcap) 26,800 अंक और स्मालकैप (Smallcap) 30,000 अंक तक जा पहुंचा है।

    इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) में तेज ग्रोथ के चलते बाजार विशेषज्ञ बाजार में तेजी का दौर जारी रहने के आसार जता रहे हैं। कोटक सिक्युरिटीज ने दिसंबर 2021 तक निफ्टी के 20,000 अंक और सेंसेक्स के 66,500 अंक तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है। परंतु रिकार्ड तेजी के बाद निश्चित ही बाजार में जोखिम भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में निवेशकों को अच्छे ट्रैक रिकार्ड वाली ऐसी विकासशील और अंडरवैल्यू कंपनियों की तलाश है। जिनमें अब भी तेजी की काफी संभावनाएं हैं।

    एयर इंडिया के विनिवेश से बढ़ा उत्साह : चौहान

    कोटक सिक्युरिटीज (Kotak Securities) के रिसर्च हैड श्रीकांत चौहान का कहना है कि भारतीय बाजार में अच्छी तेजी की सबसे बड़ी वजह सभी डोमेस्टिक फैक्टर पॉजिटिव होना है। जीडीपी (GDP) में तेज रिकवरी, बढ़ता जीएसटी (GST) कलेक्शन, कोविड पर नियंत्रण, कंपनियों की बढ़ती अर्निंग और बढ़ता घरेलू निवेश। और अब एयर इंडिया (Air India) के सफलतापूर्वक विनिवेश से देश-विदेश के निवेशकों में नया उत्साह आया है। क्योंकि वित्तीय संकट में फंसी एयर इंडिया का विनिवेश काफी मुश्किल था। सरकार कई वर्षों से प्रयास कर रही थी। एयर इंडिया के विनिवेश से बीपीसीएल एवं अन्य कंपनियों का विनिवेश तो आसानी से होने की उम्मीद है। इसके अलावा इंफोसिस, टीसीएस के अच्छे नतीजों को देखते हुए कार्पोरेट इंडिया की दूसरी तिमाही के नतीजे काफी अच्छे आने की उम्मीद है। यदि अधिकांश कंपनियों के नतीजे अच्छे आए तो निफ्टी के दिवाली तक 19,000 अंक और दिसंबर 2021 तक 20,000 अंक तक पहुंच जाने की संभावना है। तमाम उद्योग क्षेत्रों में अच्छी फेस्टिवल मांग देखी जा रही है। जिससे तीसरी तिमाही के रिजल्ट भी अच्छे आ सकते हैं।

    यूएस बॉन्ड यील्ड में वृद्धि चिंता का विषय

    श्रीकांत चौहान ने कहा कि केवल बड़ा निगेटिव फैक्टर अमेरिका में बॉन्ड यील्ड (US Bond Yield) में वृद्धि होना है। शुक्रवार को 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 1.52% रही। यदि यह 1.70% के ऊपर जाती है तो भारत सहित अन्य ईमर्जिंग मार्केट्स में विदेशी फंडों की बिकवाली बढ़ने की आशंका रहेगी। इसलिए यह निवेशकों के लिए अवश्य कुछ चिंता का विषय है। लेकिन विदेशी फंड सेलिंग भी करते हैं तो निफ्टी के 17,000 अंक से नीचे जाने की आशंका नहीं है। क्योंकि गिरावट में घरेलू निवेशकों का भारी समर्थन मिल रहा है। लिहाजा आम निवेशकों को हर गिरावट में निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। हम बैंकिंग, आईटी, FMCG, स्टील-मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा पॉजिटिव हैं।      

    टॉप पिक : SBI (491 रु.), ICICI बैंक (727), एक्सिस बैंक (802), इंफोसिस (1715), टीसीएस (3611), हिंदुस्तान यूनिलीवर (2649), टाटा स्टील (1374), सेल (124), जिंदल स्टील (446)।

    यह अलग तरह का ‘बुल रन’ : रंगनाथन

    एलकेपी सिक्युरिटीज (LKP Securities) के रिसर्च हैड एस। रंगनाथन का कहना है कि मौजूदा तेजी का दौर अलग तरह का ‘बुल रन’ है, जिसमें पहली बार रिटेल इन्वेस्टर (Retail Investors) महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। अन्यथा हर बार तेजी में संस्थागत निवेशकों या ऑपरेटरों की भागीदारी ज्यादा होती थी, रिटेल इन्वेस्टर की बहुत कम। इसी कारण हर तेजी के दौर में उतार-चढ़ाव भी बहुत ज्यादा आते थे। इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। यह ‘बुल रन’ पिछले 18 महीनों से जारी है, इस दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में सिर्फ एक बार 12% का अधिकतम करेक्शन (गिरावट) आया है। इसके अलावा कभी भी 5 से 8% से ज्यादा का करेक्शन नहीं आया। इसका मुख्य कारण है भारतीय बाजार में बढ़ता रिटेल मनी पावर। पिछले दो साल में करीब 3 करोड़ नए रिटेल निवेशकों ने बाजार में कदम रखा है। जिनमें ज्यादात्तर नौकरीपेशा शिक्षित यंग इन्वेस्टर हैं, जो रिसर्च कर अच्छी कंपनियों में निवेश कर रहे हैं। यदि प्रति निवेशक 2 लाख रुपए निवेश के अनुसार भी गणना की जाए तो बाजार में 6 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश आ चुका है और यह निवेश की इंडिया ग्रोथ स्टोरी (India Growth Story) के साथ बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए यह ‘बुल रन’ लंबा चलने की उम्मीद है।

    टॉप पिक: नाल्को (108 रु.), बैंक ऑफ बड़ौदा (89), ITD सीमेंटशन (92), रेमंड (461) 

    दमदार होती इंडिया ग्रोथ स्टोरी : खेमका

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के रिटेल रिसर्च हैड सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि लंबी तेजी के बाद बाजार में जोखिम भी बढ़ गया है। इसलिए एक-दो माह यानी शॉर्ट टर्म व्यू रखकर निवेश नहीं करना चाहिए। क्योंकि डोमेस्टिक फैक्टर तो पॉजिटिव हैं, लेकिन कोई भी निगेटिव ग्लोबल फैक्टर पैदा होने पर शार्प सेलिंग यानी बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि बाजार की धारणा काफी मजबूत है, क्योंकि कई वर्षों बाद कार्पोरेट अर्निंग ग्रोथ (Corporate Earnings Growth) रिवाइल हो रही है और लगभग हर सेक्टर की ग्रोथ तेज हो रही है। जिसके कारण इंडिया ग्रोथ स्टोरी दमदार बन रही है। केंद्र की मजबूत सरकार ने बहुत सारे रिफॉर्म किए हैं। जिनका पॉजिटिव इम्पैक्ट पूरी इकनॉमी पर हो रहा है। इसलिए रिटेल इन्वेस्टर को अब एक से तीन साल का लॉन्ग टर्म व्यू रखकर ही अच्छे शेयरों में निवेश करना चाहिए। तब उतार-चढ़ाव की चिंता से मुक्त होकर कंपनियों की ग्रोथ के साथ अच्छा रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। निवेश की दृष्टि से पीएसयू बैंक और अन्य पीएसयू कंपनियों के शेयर सबसे आकर्षक दिख रहे हैं।

    टॉप पिक : ONGC (159 रु.), SBI, ICICI बैंक, कोल इंडिया (184), L&T (1789), अल्ट्राटेक (7403), टाटा कंज्यूमर (849), बिरला कॉर्प (1426)

     

    तिमाही नतीजों से बढ़ेगा उत्साह : मोदी

    रिलायंस सिक्युरिटीज (Reliance Securities) के स्ट्रेटेजी हैड बिनोद मोदी का कहना है कि निवेशकों की निगाहें अब कार्पोरेट इंडिया के दूसरी तिमाही के नतीजों पर है। अर्थव्यवस्था की तेज होती रफ्तार, बैंकों की बढ़ती क्रेडिट ग्रोथ और इंफोसिस, टीसीएस के अच्छे आंकड़ों को देखते हुए ज्यादात्तर कंपनियों के नतीजे उत्साहवर्धक आने की उम्मीद है। इसलिए बाजार में अपट्रेंड कायम रहेगा। परंतु विगत दिनों में आए उछाल के बाद अब सेंसेक्स व निफ्टी में मौजूदा स्तरों पर कुछ कंसोलिडेशन होने के आसार हैं। सेक्टर की बात करें तो सीमेंट (Cement), इंफ्रा (Infra), ऑटो (Auto) और सिटी गैस वितरण (CGD) जैसे कुछ सेक्टर विगत तीन महीनों से अंडरपरफॉर्म रहे हैं यानी इनमें ज्यादा बढ़त नहीं आई है। लिहाजा अब इन सेक्टर्स के शेयरों में तेजी के आसार हैं। रिटेल इन्वेस्टर के लिए हर गिरावट में नया निवेश करना अधिक फायदेमंद होगा।

     

    टॉप पिक : जेके लक्ष्मी सीमेंट (631 रु.), अल्ट्राटेक, गुजरात गैस (628), L&T, रामकृष्णा फोर्जिंग (1163), KNR कंस्ट्रक्शन (306)