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  • 12 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों वर्च्यूल विमोचन

चंद्रपुर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर की राजमाता के रुप में लोकप्रिय विजया राधे सिंधिया की 100 वीं जयंती के अवसर पर 12 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 100 रुपये कीमत वाले सिक्के का वर्च्यूल विमोचन किया जाएगा।

विजया राधे सिंधिया के पूर्वज मूलत: महाराष्ट्र राज्य के सातारा जिले के कान्हेरखेड गांव के निवासी थे। उनके परिवार के लोग वहां के पाटील थे। इनके पूर्वज राणोजी शिंदे. पेशवा बाजीराव के समय उनके पास थे। रानोजी के छठी पीढी में जीवाजी राव और विजयाराजे सिंधिया के तीन पुत्र और तीन पुत्री थी। पुत्रों में माधवराव, ज्योतिरादित्य, आर्यमन और पुत्रियों में वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे का समावेश है।

विजया राजे सिंधिया ग्वालियर की राजमाता के रूप में लोकप्रिय थी। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1919 को मध्यप्रदेश के सागर में और मृत्यु 25 जनवरी 2001 को दिल्ली में हुई। विजया राजे सिंधिया एक प्रमुख भारतीय राजशाही व्यक्तित्व के साथ-साथ एक राजनीतिक व्यक्तित्व भी थी। ब्रिटिश राज के दिनों में, ग्वालियर के आखिरी सत्ताधारी महाराजा जिवाजीराव सिंधिया की पत्नी के रूप में, वह राज्य के सर्वोच्च शाही हस्तियों में शामिल थी। बाद में, भारत से राजशाही समाप्त होने पर वे राजनीति में उतर गई और कई बार भारतीय संसद के दोनों सदनों में चुनी गई। वह कई दशकों तक जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय सदस्य भी थी। 12 अक्टूबर को उनकी स्मृति के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 100 रुपये कीमत वाले सिक्के का वर्च्यूल विमोचन होगा। इस सिक्के का आकार गोल और वजन 35 ग्राम है, गोलाई 44 एमएम है। 4 मिश्र धातुओं से बने सिक्के में 50 प्र.श. चांदी, 40 प्र.श. तांबा, 0.5 प्र.श. निकल और 0.5 प्र.श. जिंक है। सिक्के के एक साईड पर श्रीमती विजयाराधे सिंधिया की जन्म शताब्दी और दूसरी ओर से भारत 100 रुपये सत्यमेव जयते और भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अंकित है।