19 thousand paid for 2-3 thousand pumps

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चिमूर नगर परिषद ने प्रभाग में अनेक उपाय योजना की।

  • चिमूर नगर परिषद ने की खरीदी

चिमूर. कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चिमूर नगर परिषद ने प्रभाग में अनेक उपाय योजना की। प्रभाग में छिडकाव करने के लिए 2000 से 3000 रुपये कीमत के पंप के लिए 19,948 के भुगतान किये जाने का मामला मंगलवार को हुई नगर परिषद की सर्वसाधारण सभा में उजागर हुआ। इस संबंध में तत्कालीन मुख्याधिकारी मंगेश खवले और प्रशासकीय अधिकारी ने मिलीभगत कर पंप खरीदी का आरोप कर नगरसेवकों ने सर्वसाधारण में सभा जमकर हंगामा मचाया।

वैश्विक महामारी कोविड 19 देश भर में भी फैला है फिर शहर क्या और ग्रामीण क्या। नगर परिषद क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण रोकथाम हेतु नगर परिषद ने साहित्य की खरीदी की। जिसमें खेती को कीटनाशकों से बचाव के लिए उपयोग किये जाने वाले कीटनाशक छिडकाव का स्प्रे पंप का समावेश है। जिसकी वर्तमान समय पर बाजार में 2 से 3 हजार रुपये कीमत है। किंतु तत्कालीन मुख्याधिकारी मंगेश खवले और प्रशासकीय अधिकारी ने 19,948 रुपये में खरीदी किये। मंगलवार की सर्वसाधारण सभा में प्रस्ताव मंजूरी के लिए आने पर यह घोटाला उजागर हुआ। 2 से 3 हजार के पंप के लिए 19 हजार कीमत सुनकर सभी पदाधिकारी और पार्षदों ने जमकर हंगामा मचाया। पार्षद उमेश हिंगे ने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

नवंबर 2019 में हुई सभा में प्रस्ताव क्रं. 23 में बहुमत से तय हुआ था कि नगर परिषद के कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित दर से वेतन दिया जाये। किंतु नप के अधीक्षक राकेश चौगुले ने अपनी मर्जी से बदल कर प्रतिदिन 300 रुपये को मंजूरी का प्रस्ताव रखने का आरोप पार्षद संजय खाटिक ने सभागृह में किया। नगराध्यक्ष को विश्वास में न लेकर तत्कालीन मुख्याधिकारी और प्रशासकीय अधिकारी ने मिलीभगत की।

इसलिए सभागृह में सर्वसम्मति से लिये निर्णय न मानने वाले अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी अपराध दर्ज करने का निर्णय सर्वसाधारण सभा में लिया गया। सभा में नगराध्यक्ष गोपाल झाडे, उपाध्यक्ष तुषार शिंदे, निर्माणकार्य सभापति कदीर शेख, सभापति भारती गोडे, उषा हिवरकर, जयरी निवटे, छाया कंचर्लावार, अरुण दुधणकर, नितीन कटारे, उमेश हिंगे, संजय खाटिक आदि उपस्थित थे। इस संबंध में तत्कालीन मुख्याधिकारी से संपर्क का प्रयास किया गया किंतु प्रतिसाद नहीं मिला।