अंतत: नरभक्षी तेंदुआ आया पकड़ में

  • बेहोश कर वनविभाग ने पकड़ा
  • परिसर के लोगों ने ली राहत की सांस
  • वनविभाग के प्रयासों को सफलता

ब्रम्हपुरी. ब्रम्हपुरी वनविभाग के उत्तर वनपरिक्षेत्र में गत दो माह से उपद्व मचाते हुए दो महिलाओं और एक बालक की जान लेनेवाले तेंदूए को आखिरकार वनविभाग पकडने में सफल हुआ. शनिवार 12 दिसंबर की शाम 6 बजे वनविभाग को सफलता मिली. 

उक्त नरभक्षी तेंदूआ ब्रम्हपुरी वनपरिक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले मेंडकी उपक्षेत्र के नियतक्षेत्र चिचखेडा डोर्ली गांव के पास कक्ष क्र. 1012 में उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ा गया. तेंदूए के पकडने में आने के बाद वनविभाग की टीम के साथ ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है.

उक्त तेंदूए को तुरंत पकडने की मांग ब्रम्हपुरी तहसील के चिचगांव, डोर्ली, बरडकिन्ही, बांद्रा, आवलगांव, आदि गांव के नागरिकों ने की थी. दो महिलाओं की मौत के बाद ग्रामीणों में काफी रोष निर्माण हो गया था. पूर्व विधायक प्रा.अतुल देशकर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वनाधिकारियों से मिलकर तेंदूए को तुरंत पकडने की मांग की. इस बीच पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने ग्राम पहुंचकर ग्रामीणों से मिले और उनका गुस्सा शांत करते हुए तेंदूए को शीघ्र पकडने लिए जाने का आश्वासन दिया था.

ऐसे में तेंदूए को पकडना वनविभाग के लिए गंभीर चुनौती भरा काम था. इसके चलते वनविभाग के अधिकारी एवं कर्मियों ने गत तीन दिसंबर से उक्त नरभक्षी तेंदूए को पकडने के लिए यहां मुहिम शुरू कर दी थी. कड़े पहरे के साथ चिचगांव, डोर्ली परिसर के जंगल में तेंदूए को खोजा जारहा था. 7 दिसंबर से रैपिड रिस्पांस टीम, चंद्रपुर, एसटीपीएफ चिमूर, एसटीपीएफ मूल और अन्य वनकर्मियों की टीम रात दिन यहां निगरानी में लगी हुई थी. आखिरकार तेंदूआ नजर आते ही उसे बेहोश करनेवाली गन से शूट कर बेहोश कर अपने कब्जे में लिया गया.