पुलिस पर किसका है दबाव, लोगों में चर्चा आम

वरोरा. वरोरा-समाजसेवी स्व. बाबा आमटे की पोती, आनंदवन महारोगी सेवा समिति की सीईओ डा. शीतल आमटे मृत्यु प्रकरण में अब तक पुलिस द्वारा किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचने और आमटे परिवार के एक भी सदस्य का बयान नहीं लिए जाने से स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस इस मामले में काफी दबाव में है और खुलकर कुछ बताने के लिए हिचक रही है.

डा. शीतल आमटे की मौत को लगभग 15 दिन बीत चुके है. अब तक पुलिस के हाथ फॉरन्सिक रिपोर्ट नहीं मिली है. पुलिस इसी बात का हवाला देकर चुप्पी साधे हुए है. वहीं आमटे परिवार के सदस्यों का बयान नहीं लिए जाने पर पुलिस का कहना है  आमटे परिवार के कुछ लोग कोरोना पॉजीटीव पाये गए है अन्य सदस्य भी होम क्वारांटाईन है ऐसे में उनका बयान लिया जाना संभव नहीं है. 

रविवार को आनंदवन में डा. शीतल आमटे के श्रध्दांजलि कार्यक्रम में उनके पति गौतम करजगी ने स्पष्ट संकेत दिए कि उनका परिवार पुणा शिफ्ट हो रहा है. इस बीच आनंदवन से मिली जानकारी अनुसार आनंदवन के संचालन को लेकर जो प्रस्ताव अधिकृत रूप से नहीं हुआ है केवल बैठक ली गई थी जिसमें मौखिक रूप से अधिकांश सदस्यों ने कौस्तुभ आमटे को जिम्मेदारी देने की बात कही थी. जबकि डा.शीतल और उसके पति गौतम करजगी का इसको लेकर विरेाध था.