वन भूमि पर अतिक्रमण: वन विभाग – ग्रामीणों में संघर्ष

  • पूरी जांच पड़ताल के बाद ही करें कार्रवाई

चंद्रपुर. जिले में वनभूमि पर अतिक्रमण के प्रकरण बढने से वनविभाग और ग्रामीणों के बीच संघर्ष की स्थिति निर्माण हो गई है. हाल ही में चंद्रपुर के घंटाचौकी परिसर में सैकड़ों ने वनभूमि पर कब्जा कर खेती करने का प्रयास किया जिसे रोकने गई वनविभाग की टीम पर ग्रामीणों कुल्हाडी, लाठियों से हमला कर दिया. इस घटना को संज्ञान में लेते हुए जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने वनविभाग को निर्देश दिए है कि वनाधिकार कानून अनुसार आदिवासियों को दी गई भूमि के पट्टे की प्रथम जांच करने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें. 

जिले में वनविभाग विभाग द्वारा वनभूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू है इस संदर्भ में कुछ मामलों में पुलिस में मामले दर्ज किए गए है. वनविभाग और वनवासियों में इस मामले में बढते संघर्ष को देखते हुए पालकमंत्री वडेट्टीवार ने कहा कि ऐन मानसून के  समय कोई भी कार्रवाई जांच के बिना ना करें.

वडेट्टीवार कोरोना की स्थिति का जायजा लेने के लिए चंद्रपुर आये थे. उन्होने जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार, अतिरिक्त जिलाधिकारी विद्युत वरखेडकर, बफर क्षेत्र के उपसंचालक गुरूप्रसाद, उपवनसंरक्षक गजेंद्र हिरे, ब्रम्हपुरी के उपवनसंरक्षक कुलराज सिंग, विभागीय वन अधिकारी अशोक सोनकुसरे के साथ वनविभाग की कार्रवाई के संदर्भ में समीक्षा बैठक ली.

आदिवासी बहुल चंद्रपुर जिले में वनाधिकार कानून अंतर्गत जंगल के आदिवासियों को वनभूमि के पट्टे दिए जाते है. दूसरी ओर ताड़ोबा जैसे अभयारण्य के संरक्षण के लिए हरित लवादा द्वारा विभिन्न तरह के निर्देश दिए जा रहे है. इस परिसर में किसी तरह का अतिक्रमण ना हो, जंगल परिसर में वन्यजीवों का अधिवास संरक्षित हो इसके लिए दिशानिर्देश समय पर दिए जाते है. इसकी वजह से अनेक बार जिले में वनपरिक्षेत्र में वनविभाग एवं आदिवासियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति निर्माण होती है. हाल ही में उपसंचालक बफर ताड़ोबा अंधारी प्रकल्प अंतर्गत आनेवाले घंटाचौकी परिसर में अवैध पेड़ कटाई और जमीन पर कब्जा जमाने का मामला सामने आने पर वनविभाग ने कार्रवाई की.

वनविभाग के कार्रवाई के बाद जंगल से सटे अधिवास वोल आदिवासियो ंने पालकमंत्री से इस बारे में शिकायत की थी. इस प्रकरण को सुलझाने के निर्देश पालकमंत्री ने जिलाधिकारी को दिए. इसके लिए वनविभाग के अधिकारी एवं जिलाधिकारी के बीच पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने इस विषय पर चर्चा की.

वनविभाग ने इस समय अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वनभूमि पर अतिक्रमण संदर्भ में वनाधिकार अधिनियम अंतर्गत समिति के दावे नामंजूर किए जाने से उक्त अतिक्रमण धारक वनभूमि पर कृषि ना करते हुए स्वयं ही उक्त भूमि पर किया गया कब्जा छोड़कर वनविभाग को सहयोग करें जबकि पालकमंत्री ने वनविभाग को किसी तरह की कार्रवाई करने से पूर्व कानूनी जांच कर अतिक्रमण हटाने निर्णय दें ऐसे स्पष्ट किया. पुलिस में शिकायत दाखल करने से पूर्व दावे जांच करने चाहिए. इस संदर्भ में अधिकृत जानकारी ली जानी चाहिए जंगल के समीपस्थ आदिवासियों पर किसी तरह कार्रवाई करने से पूर्व उन्हें विश्वास में लेकर समाधान निकालने का प्रयास करें ऐसा पालकमंत्री ने स्पष्ट किया है.

इस संदर्भ में जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार ने सम्पूर्ण मामले की जांच कर वास्तविकता का पता लगाने का स्पष्ट किया.