Cylinders

    • आम जनता का आर्थिक बजट गड़बड़ाया

    ब्रम्हपुरी. वर्तमान समय पर रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य और शिक्षा मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं हैं. इसके साथ पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर यह भी आज की जरुरत है. लेकिन दिन-ब-दिन गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम आम आदमी के लिए एक मुश्किल बन गई है उसकी वजह से उनकी कमर टूटी है.

    बढ़ने लगा लकड़ी का उपयोग

    पेट्रोल और डीजल के रेट आम जनता के लिए आर्थिक बजट गड़बड़ा रहे हैं. पहले ही कोरोना के कारण महंगाई बढ़ गई है, सभी चीजों के रेट बढ़े हैं. किसानों के ऊपर आसमानी संकट भी आया है, उसका असर पहले से ही जनता पर दिख रहा है और अब घरेलू से गैस सिलेंडर के बढ़ते रेट उनका जीना मुश्किल कर रहा है.

    उज्जवला गैस योजना के तहत सभी जरूरतमंद और गरीब लोगों को गैस मिला था, किंतु सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया है. इसके साथ ही अब घरेलू सिलेंडर के रेट बढ़ने से उनको गैस सिलेंडर खरीदना भारी पड़ रहा है, इसकी वजह से चूल्हे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.

    ईंधन हेतु लकड़ी का उपयोग बढ़ता जा रहा है और लकड़ियां लेने जंगल में जा रहे हैं. जहां पर जंगली जानवरों के हमले बढ़ने लगे हैं, इसलिए घरेलू गैस सिलेंडर के दाम नियंत्रित करना आवश्यक है.