लौटते मानसून से धान, कपास और सोयाबीन का नुकसान

  • रविवार की शाम हुई बरसात, शनिवार की रात जोरदार बारिश

राजुरा. आज रविवार की शाम लगभग 5.30 बजे बरसात शुरु हो गई। लौटते मानसून की बरसात ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार की रात बरसात से राजुरा और गोंडपिपरी तहसील की धान, कपास और सोयाबीन की फसल का नुकसान हुआ है। इसके पूर्व शुक्रवार को हुई बरसात से ब्रम्हपुरी तहसील के धान जमीन पर सो गया था जिससे किसान चिंतीत है।

एक ओर जहां खरीफ के शुरूआत के पूर्व से ही कोरोना महामारी और इससे किए गए लॉकडाऊन ने किसानों को संकट में डाला अभी इस संकट से उबर पाये थे कि लौटते मानसून ने किसानों को संकट में डाल दिया है। शनिवार की रात आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने काटकर रखी कपास की फसल, धान खेती और सोयाबीन का बड़े पैमाने पर नुकसान किया। खेतों में पड़ी काट कर रखी गई फसल भीग गई। इससे किसानों के समक्ष सिर पीटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा 

राजुरा में सोयाबीन फसल का नुकसान 

गत तीन दिनों से राजुरा तहसील में हो रही जोरदार बारिश के कारण सोयाबीन, धान फसल का काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान में सोयाबीन निकालने का काम जोरों पर है। सोयाबीन काटकर निकालने के लिए फसल को खेतों में रखा गया था। दोपहर से शाम तक मौसम पूरी तरह साफ था जिससे किसान भी आनंदित थे। फसल को खेतों में रखकर घर लौटे किसानों पर उस समय चिंता छा गई जब आधी रात को जोरदार आंधी तूफान के साथ बारिश हुई। राजुरा तहसील के 30  गांव के किसानों के सोयाबीन और धान फसल का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।

राजुरा तहसील के आर्वी, वरूर रोड, टेंबुरवाही, तुलाना, बेरडी, सीर्सी, चिचबोडी, भेंडाला, गोवरी, बाबापुर, साखरी, मानोली, गोयेगांव, अंतरगांव, भुरकुंडा, भेदोडा, साखरवाही, पांचगांव, कापनगांव सहित अनेक गांव में जोरदार बारिश होने से सोयाबीन और धान फसल का काफी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। खेतों में खडी फसल धराशायी हो गई. सोयाबीन फसल काटकर उसे सूखने के लिए खेतों में रखा गया था। परंतु सोयाबीन भीग जाने से अब उसमें अंकुर फूटने की संभावना बढ गई है।