जिले में स्कूलें बंद परंतु शिक्षण शुरू, शिक्षण विभाग का सराहनीय उपक्रम

ब्रम्हपुरी. गत मार्च महीने से सम्पूर्ण विश्व कोरोना विश्व महामारी से प्रभावित है, शिक्षणक्षेत्र भी अपवाद नहीं, लॉकडाऊन के गाईडलाईन अनुसार पिछले पांच महीने से सभी शैक्षणिक संस्था बंद है. शिक्षणक्षेत्र अनुत्पादक होने पर भी मानवसंसाधन विकास के दृष्टि से शिक्षण का महत्व अनन्यसाधरण है इसका विचार कर स्कूल शिक्षण विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य शैक्षणिक संशोधन एवं प्रशिक्षण परिषद पुणे के संयुक्त तत्वावधान में अनेक विशेषज्ञ शिक्षक, अधिकारी, पदाधिकारी, शिक्षण क्षेत्र के विशेषज्ञ द्वारा मार्गदर्शक सुझाव लेकर स्कूल बंद परंतु शिक्षण शुरू अभ्यासक्रम की शुरूआत की गई है.

सम्पूर्ण लॉकडाऊन समयावधि में अब तक प्रतिदिन एक हिसाब से 111 अभ्यासक्रम को शहरी, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों तक ऑनलाईन पध्दति से पहुंचाने का प्रयास किया जारहा है. इसमें दिक्षा जी क्लास, स्ट्रीम, टीम ऐसे अनेक शैक्षणिक एप्स उपयोग कर शिक्षण प्रक्रिया सुलभ और रंजक बनाने का पुरजोर प्रयास चंद्रपुर जिले में सर्वदूर शुरू है.

ऑनलाईन शिक्षण की मर्यादा होने से अनेक शिक्षक ऑफलाईन अथवा गांव के ही शिक्षणप्रेमी स्वयंसेवकों के मार्फत विभिन्न तरकीबों का उपयोग कर ज्ञानगंगा विद्यार्थयिों तक पहुंचाने का कार्य अविरत शुरू है. शिक्षकों के कोविड सेवा में नियुक्ति के कारण विद्यार्थियों का नुकसान ना हो इसलिए स्वयंसेवी संस्था, शिक्षण प्रेमी स्वयंसेवक स्वप्रेरणा से समाजमंदिर में या बुध्दविहार, प्रार्थना मंदिर अथवा घर घर में प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन कर ज्ञानदान का कार्य कर रहे है.

कुल मिलाकर इस समय कोरोना महामारी में भी शिक्षकों के कल्पकता के कारण एवं प्रशासकीय व्यवस्था को सहयोग कर विद्यार्थियों के हित की रक्षा करने की भावना रखकर शिक्षण प्रक्रिया संथगति से ही शुरू है. जिले के अंतिम सिरे पर स्थित तहसील में यह प्रयास शुरू है. इसमें अनेक टीवी चैनल के शैक्षणिक मालिकों कीभी उल्लेखनीय मदद शिक्षक एवं विद्यार्थयों को हो रही है. कुछ स्कूलों ने लॉकडाऊन समय में स्कूल का रंगरोगन , शैक्षणिक साहित्य निर्मिति ऐसे सराहनीय उपक्रम भी चलाये जा रहे है.

राज्य सरकार ने 31 अगस्त तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए है. मात्र इस परिस्थिति में जिले में कुछ स्कूलों में अभिनव प्रयोग शुरू है. शिक्षक घर जाकर बच्चों को पढा रहे है कुछ स्थानों पर कुछ शिक्षकों ने बच्चों को ऑनलाईन संवाद करना शुरू किया है. अनेक शिक्षकों ने विद्यार्थियों का गट तैयार किया है कुछ स्थानों पर गांव गांव घुमकर शिक्षक विद्यार्थियों से संवाद कर रहे है.