प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने निर्धारित किये सिटी स्कैन के दर

  • चिकित्सकों को दर फलक लगाना अनिवार्य

चंद्रपुर. निजी हास्पिटल कोरोना काल में नागरिकों से सिटी स्कैन जांच के लिए अधिक कीमत वसूल कर लूट मचा रखी इसकी शिकायत राज्य के नागरिक और जनप्रतिनिधियों से मिलने के पश्चात प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सिटी स्कैन के दर निर्धारित किये है। इससे अधिक मांग करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार जिलाधीश और शहरी क्षेत्र में आयुक्त को दिये है। इससे नागरिकों को कुछ राहत मिलेगी।

अपने आदेश में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आदेश जारी होने के पश्चात  16 स्लाइस के 2000 रुपये, 16 से 64 स्लाइस के 2500 और 64 स्लाइस से अधिक के लिए 3 हजार रुपये सिटी स्कैन का दर होगा। आदेश जारी होने के बाद कोई निजी डाक्टरों को उक्त दर फलक सभी अपने हास्पिटल के सामने लगाना होगा। इसके बावजूद किसी डाक्टर ने निर्धारित दर से अधिक की मांग की तो उसके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार जिलाधीश और शहरी भाग में आयुक्त को होगा। 

रेडियोलाजिस्टों ने की न्यायलय में फरियाद की तैयारी

इस संबंध में आईएमए के अध्यक्ष तथा रेडियोलाजिस्ट डा. अनिल माडुरवार ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश पारित कर दिया है तो उसका पालन किया जाएगा। किंतु सिटी स्कैन के इक्यूपमेंट और अन्य खर्च अधिक आता है। मशीन में लगने वाला ट्यूब 20 से 32 लाख रुपये तक का आता है जिसकी लाईफ महज एक वर्ष होती है। इसकी वजह से यह रेट किसी भी रेडियोलाजिस्ट के नजरिये से काफी कम है। यह रेट न्यूनतम 4500 रुपये होना चाहिए। इसके खिलाफ राज्य भर के रेडियोलाजिस्टों ने न्यायालय में फरियाद करने की तैयारी की है।