Rupee lost nine paise to 74.45 against US dollar in early trade

मुंबई: कोरोना वायरस (Corona Virus) के टीके से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बाद जोखिम भरे साधनों की मांग में सुधार आया है। इससे अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया में भी तेजी दिखी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 74.46 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इसके अलावा डॉलर की नरमी ने भी रुपये को समर्थन दिया।

अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया मजबूती के साथ 74.43 प्रति डॉलर पर खुला और कुछ देर में 74.38 प्रति डॉलर के दिवस के उच्च स्तर पर जा पहुंचा। कारोबार के समाप्त होने पर यह अंतत: 16 पैसे की तेजी के साथ 74.46 प्रति डॉलर पर रहा। सोमवार को बलि प्रतिपदा के अवसर पर अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार बंद रहा था। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 74.62 प्रति डॉलर पर रहा था।

विश्लेषकों ने कहा कि रिजर्व बैंक के द्वारा डॉलर की खरीद ने रुपये की तेजी पर कुछ लगाम लगायी। रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक श्रीराम अय्यर ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के एक अन्य संभावित टीके की सफलता की खबर से जोखिम भरे साधनों में निवेश की धारणा में सुधार हुआ है। इससे डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में लगातार दूसरे दिन तेजी रही है।”

अय्यर ने कहा, हालांकि संभवत: रिजर्व बैंक के इशारे पर सार्वजनिक बैंकों के द्वारा डॉलर की खरीद की जाने से तथा आयातकों की डॉलर मांग से रुपये की तेजी कुछ कम रही। अमेरिका की जैव प्रौद्योगिकी कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को कहा कि उसके द्वारा विकसित संभावित टीका महामारी की रोकथाम में 94.5 प्रतिशत तक प्रभावी है।

इससे एक सप्ताह पहले फाइजर और बायोएनटेक ने अपने संभावित टीके के 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी होने की घोषणा की थी। इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर का सूचकांक 0.24 प्रतिशत गिरकर 92.41 पर आ गया। घरेलू मोर्चे पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 314.73 अंक यानी 0.72 प्रतिशत चढ़कर 43,952.71 अंक पर बंद हुआ। एनएसई का निफ्टी भी 93.95 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 12,874.20 अंक पर रहा।

इस बीच कच्चा तेल का अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 43.90 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयरखान बाय बीएनपी परिबास के शोध विश्लेषक सैफ मुकदम के अनुसार, डॉलर की नरमी तथा जोखिम भरे साधनों में निवेश की प्रवृत्ति बढ़ने से रुपये को तेजी मिली है। कोरोना वायरस के टीके पर सकारात्मक प्रगति ने भी बाजार की धारणा को बेहतर किया है।

हालांकि कोरोना वायरस के मामले दुनिया भर में बढ़ने से आर्थिक स्थिति सुधरने की गति पर प्रभाव पड़ने की आशंका ने बड़ी तेजी की राह को रोका।