Government shocked at Metro car shed

मुंबई मेट्रो कार शेड जमीन के मालिकाना हक से जुड़े विवाद में महाराष्ट्र सरकार को करारा झटका लगा.

मुंबई मेट्रो कार शेड जमीन के मालिकाना हक से जुड़े विवाद में महाराष्ट्र सरकार को करारा झटका लगा. बाम्बे हाईकोर्ट ने कार शेड के लिए कांजूर मार्ग की 102 एकड़ जमीन स्थानांतरित करने से जुड़े मुंबई उपनगर कलेक्टर के आदेश पर रोक लगा दी और साथ ही मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण को वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से रोक दिया. भूखंड पर जैसी स्थिति है, उसे वैसे ही बरकरार रखने की हिदायत दी गई. भूखंड के स्थानांतरण पर भी कोर्ट ने स्टे दे दिया. इसी के साथ मुंबई मेट्रो का काम भी रुक गया.

जमीन के स्वामित्व को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टकराव चल रहा था. केंद्र ने महाराष्ट्र सरकार के जमीन स्थानांतरण आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें दावा किया गया कि कलेक्टर की ओर से जमीन के स्थानांतरण के विषय में 1 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया आदेश अवैध है, इसलिए इसे रद्द किया जाए अथवा अंतरिम राहत के तौर पर इस पर रोक लगाई जाए.

इस जमीन का मालिकाना हक केंद्र सरकार के पास है क्योंकि यह खार जमीन या साल्ट लैंड है और काफी समय से इस पर साल्ट डिपार्टमेंट का कब्जा है. दूसरी ओर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दावा किया था कि जमीन का मालिकाना हक उसके पास 1981 से है. महाराष्ट्र के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने कहा कि आघाड़ी सरकार जमीन स्थानांतरण से जुड़े आदेश को वापस लेने को तैयार है लेकिन जमीन पर निर्माण कार्य जारी रहेगा.

इस पर मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता व न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि जब हमने प्रथम दृष्टया राय व्यक्त की है कि जमीन स्थानांतरण को लेकर कलेक्टर का आदेश जारी नहीं रह सकता तो हम निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति कैसे दे सकते हैं? इसलिए कलेक्टर के आदेश पर रोक लगाई जाती है और याचिका को विचारार्थ मंजूर किया जाता है. उल्लेखनीय है कि पहले मेट्रो का कार शेड गोरेगांव स्थित आरे में बनने वाला था लेकिन बाद में महाविकास आघाड़ी सरकार ने कार शेड का स्थान बदलकर कांजूर मार्ग कर दिया. हाईकोर्ट के आदेश के बाद उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि हम इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह स्थान मेट्रो लाइन्स 6, 4, 14 के लिए बहुत ही उपयुक्त है. इससे लगभग 5000 करोड़ रुपए की बचत होगी और 1 करोड़ लोगों को यात्रा सुविधा मिलेगी. दूसरी ओर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अहंकार छोड़कर आरे में काम करना शुरू करो. अभी बहुत देर नहीं हुई है. भले ही कांजूर मार्ग चला गया लेकिन आरे में काम करना होगा.