Anil Deshmukh

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में भी आंध्रप्रदेश के समान ‘दिशा’ कानून लागू किया जाएगा. इससे अपराधियों में भय

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में भी आंध्रप्रदेश के समान ‘दिशा’ कानून लागू किया जाएगा. इससे अपराधियों में भय उत्पन्न होगा और उन्हें समझ में आ जाएगा कि तत्काल उनके किए की सख्त से सख्त सजा मिलेगी. दिशा कानून में दुष्कर्मी को 21 दिनों में कोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर सजा दिलाए जाने का प्रावधान है. महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में इस कानून के बारे में विचार-विमर्श के बाद सबकी सहमति से इसे राज्य में भी लागू किया जाएगा. अनिल देशमुख दिशा कानून के अध्ययन के लिए अपनी टीम के साथ आंध्रप्रदेश गए और वहां के गृहमंत्री व पुलिस महासंचालक से भेंट कर इस कानून के स्वरूप व प्रावधानों के बारे में जानकारी हासिल की. देशमुख के साथ महाराष्ट्र के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी आंध्रप्रदेश गए थे. यौन अपराधों में भारी वृद्धि होना चिंताजनक है. शहरों के विस्तार तथा बाहरी लोगों के आ जाने से इस तरह की घटनाएं ज्यादा बढ़ी हैं. मजदूर वर्ग के लोग काम पर चले जाते हैं और उनके बच्चे घर में अकेले रह जाते हैं. असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाकर छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. प्रचलित कानूनों और न्याय व्यवस्था का यह हाल है कि 8 वर्ष बीतने पर भी निर्भया के हत्यारों को फांसी नहीं हो पाई. अपराधी तत्व कानून की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं और जघन्य अपराध के बावजूद बचने की कोशिश करते हैं. ऐसी स्थिति में हर कोई महसूस करता है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में ऐसे मामलों का निपटारा किया जाए और समयबद्ध रूप से दरिंदों को सजा दी जाए. दिशा कानून में पुलिस को निश्चित समय के भीतर जांच कर पुख्ता सबूत जुटाने और अदालत में मामला दाखिल करने की बाध्यता रहती है. इसी प्रकार अदालत भी अभियुक्तों को अनावश्यक ढील न देते हुए निर्धारित समयसीमा में फैसला सुनाती है. जिस तेजी से यौन अपराधों का आंकड़ा बढ़ रहा है, उसे देखते हुए दिशा कानून हर राज्य में लागू होना आवश्यक है.