Review : छोटे शहर की कहानी है फिल्म ”मोतीचूर चकनाचूर”, मिले इतने स्टार

कलाकार: नवाजुद्दीन सिद्दीकी,अथिया शेट्टी,विभा छिब्बर,नवनी परिहार निर्देशक : देवा मित्रा बिस्वाल मुंबई, बॉलीवुड के अन्ना सुनील सेट्टी की बेटी आथिया शेट्टी और एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म

कलाकार: नवाजुद्दीन सिद्दीकी,अथिया शेट्टी,विभा छिब्बर,नवनी परिहार

निर्देशक : देवा मित्रा बिस्वाल

मुंबई, बॉलीवुड के अन्ना सुनील सेट्टी की बेटी आथिया शेट्टी और एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म ‘मोतीचूर चकनाचूर’आज सिनेमाघर में आ गई है. आथिया शेट्टी की ये दूसरी फिल्म है. तो वही नवाजुद्दीन सिद्दीकी को बॉलीवुड में काफी पसंद किया जा रहा है. ‘मोतीचूर चकनाचूर’ पूरी तरह से फैमिली ड्रामा है. इस फिल्म में भोपाल में रहने वाली मध्यवर्गीय परिवारों की जिंदगी की बारे में दिखाया गया है. फिल्म में हंसाने की भी कोशिश बहुत ही प्यारे पलों से की गई है . सपॉर्टिंग कास्ट में विभा छिब्बर, करुणा पांडे, अवनी परिहार, अभिषेक रावत, विवेक मिश्रा, संजीव वत्स, ऊषा नागर, भूमिका दुबे जैसे कलाकार नजर आएंगे .

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कहानी, भोपाल में रहनेवाली अनीता उर्फ एनी (आथिया शेट्टी) शादी के लिए एक के बाद एक करके सुयोग्य लड़कों को इसलिए रिजेक्ट करती जा रही है, क्योंकि उसकी ख्वाहिश है कि वह ऐसे लड़के से शादी करे, जो लंदन-अमेरिका में रहता हो . असल में उसे विदेश में शादी करके सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालनी है और अपनी सहेलियों को जलाना है . ऐसे में उसके पड़ोस में रहनेवाला पुष्पेंद्र त्यागी 7 साल दुबई की नौकरी करके घर लौटता है . पुष्पेंद्र की दिक्कत यह है कि घर का बड़ा बेटा होने के कारण जिम्मेदारियों का बोझ उसके कांधे पर ऐसा लादा गया कि वह 36 साल का हो गया है, मगर अभी तक शादी नहीं हुई . दिन-रात शादी के सपने देखने वाले पुष्पेंदर की मां (विभा छिब्बर) मोटे दहेज के जुगाड़ में है, जिससे वह अपनी बेटी की शादी कर सके . पुष्पेंद्र शादी के लिए इतना लालायित हो चुका है कि वह अपने भाई से साफ-साफ कह देता है कि वो किसी भी मोटी, काली, लूली-लंगड़ी से शादी करने को तैयार है . इधर जब एक विदेशी लड़के के साथ एनी का रिश्ता टूट जाता है, तो वह अपनी बिनब्याही मौसी (करुणा पांडे) की सलाह पर पुष्पेंद्र से प्यार का नाटक करती है . उसे लगता है लंदन-अमेरिका न सही दुबई का लड़का तो हाथ आएगा . वे दोनों घरवालों को बताए बगैर एक दिन चुपचाप शादी करके आ जाते हैं . लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब एनी को पता चलता है कि पुष्पेंद्र की दुबई की नौकरी जा चुकी है और उसने भोपाल की नौकरी पकड़ कर यहीं रहने का फैसला किया है . तब तक पुष्पेंद्र भी जान जाता है कि एनी ने प्यार का स्वांग रचाकर उससे शादी महज दुबई जाने के लिए की . इन सच्चाइयों के सामने आने के बाद एनी और पुष्पेंद्र की शादी कायम रह पाती है या नहीं ये आप फिल्म देखने के बाद ही जान पाएंगे .

इस फिल्म की कहानी की शुरुआत रोचक अंदाज में होती है, मगर इंटरवल तक फिल्म बोर होने लगती है. की गति धीमी रहती है . इस फिल्म में ‘हमाओ तुमाओ’ (हमारी तुम्हारी), ‘मोडा मोडी’ (लड़का लड़की) जैसी ठेठ बोली रखी गई है, जो चरित्रों के मुंह से सुनने में अच्छी लगती है, बात करे फिल्म के संगीत की तो कई संगीतकारों की मौजूदगी के बावजूद ‘क्रेजी लगदी’ और ‘छोटी छोटी गल’ जैसे गाने ही ठीक-ठाक बन पाए हैं . इस फिल्म में मुख्य कलाकारों से लेकर सहयोगी कास्ट ने अच्छा काम किया है .

स्टार : पांच(5)में से ढ़ाई( 2.5) स्टार

अवधि : 2 घंटा 15 मिनट