बोनससमेत 15 क्विंटल धान बिक्री की अनुमति दे

  • गण्यारपवार ने राज्य सरकार से की मांग

चामोर्शी. खरीफ सीजन के धान को एक हजार रूपये बोनस के साथ 15 क्विंटल एकड धान बिक्री की अनुमति दे, ऐसी मांग जिप सदस्य अतुल गण्यारपवार ने राज्य सरकार से की है. 

देश के धान उत्पादक किसान वित्तीय दृष्टि से पिछडे है. ऐसे में केंद्र सरकार ने बिते वर्ष दिया समर्थन मुल्य व्यापक कम यानी ‘अ’ ग्रेड 1835 रुपये व सर्वसाधारण 1815 रुपये था. इस वर्ष उसमें प्रतिक्विंटल 53 रुपये की गई वृद्धी व्यापक कम होकर केंद्र सरकार ने विगत 5 से 6 वर्षो में किसानों को किसी तरह का बोनस देकर मदद नहीं की है. यह एक तरह से धान उत्पादक किसानों के साथ किया गया मजाक है. एक ओर रासायनिक व अन्य खाद के दाम बढे होकर कृषि उपयुक्त दवाएं व काम करनेवाले मजदूरों के दर भी बढे है. खेतों में कार्य करेनवाले टैक्टर, ट्रेलर व अन्य सामग्री व डिझेल के दर बढे है. ऐसे स्थिती प्रति क्विंटल 53 रूपये दरवृद्धी देकर केंद्र सरकार  ने किसानों का मजाक उडाया है. 

बिते वर्ष महाराष्ट्र के महाआघाडी सरकार ने प्रतिक्विंटल 700 रुपये बोनस देने से किसानों को आधार मिला था. अब अब निरंतर बारिश, बाढ, कीटों के प्रादुर्भाव से तथा खाद, किटनाशक के बढे दामों से किसानों को धान की खेती घाटे में जा रही है. खेतों में मध्यम दर्जे का धान 15 क्विंटल प्रति एकड तो सर्वसाधारण धान 25 क्विंटल एडक उत्पादन होता है. मात्र समर्थन मुल्य केंद्र पर केवल 10 क्विंटल ही खरीदी किया जाता होकर उसे ही बोनस मिलता है. अन्य धान व्यापक कम दामों में बेचना पडता है. जिससे राज्य के महाआघाडी सरकार 15 क्विंटल प्रति एकड धान खरीदी करने के आदेश के साथ प्रति क्विंटल 1 हजार रूपये बोनस घोषित करे, ऐसी मांग जिप सदस्य जिप सदस्य अतुल गण्यारपवार ने की है.