आविका संस्था सचिव की नियुक्ती रद्द करे

  • एटापल्ली संस्था के कार्यक्षेत्र के संस्था सदस्य व किसानों की ज्ञापन से मांग

एटापल्ली. आविका सहकारी संस्था एटापल्ली संस्था के तत्कालीन सचिव संतोष पुल्लुरवार इनके कालावधि में वर्ष 2015-16 में करीब 16 लाख रुपये किंमत के धान की हेराफेरी की गई थी. उक्त मामला न्यायप्रविष्ठ होने के बावजूद उसकी सचिव पद पर फिर से नियुक्ती करने के लिए संचालक मंडल आग्रही दिखाई दे रहा है. जिससे ऐसे भ्रष्टाचारी सचिव की नियुक्ती रद्द कर इस मामले के दोषियों पर कार्रवाई करे, ऐसी मांग आविका सहकारी संस्था एटापल्ली संस्था के कार्यक्षेत्र के संस्था सदस्य तथा किसानों ने तहसीलदार के मार्फत उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन द्वारा की है. 

समर्थन मुल्य योजना सीजन 2015-16 में एटापल्ली आविका सहकारी संस्था के खरीदी केंद्र के तत्कालीन सचिव संतोष पुल्लुरवार ने 1006.80 क्विंटल धान की राशी 16 लाख 20 हजार 948 रुपयों की हेराफेरी की थी. इस मामले में एटापल्ली पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था. वर्तमान स्थिती में यह मामला न्यायप्रविष्ठ होने के बावजूद संस्था संचालक मंडल ने पुल्लुरवार इन्हे इसी संस्था का पदभार देने संदर्भ में प्रस्ताव लिया. इस प्रस्ताव के कारण संस्था के हितों को खतरा पहुचने की संभावना है. हेराफेरी मामले में तत्कालीन सहाय्यक निबंधक धोटे सहकारी संस्था अहेरी ने पद बदल की कार्यवाही कर आविका संस्था गट्टा के  सचिव इनकी ओर उक्त पदभार देने संदर्भ के आदेश दिए थे.

मात्र इस आदेश का पालन न करते हुए तत्कालीन सचिव पुल्लुरवार मनमानी कर रहे है. जिससे संस्था के रेकॉर्ड की हानी होने की संभावना को ध्यान में लेते हुए तहसील दंडाधिकारी इन्हे रेकार्ड कब्जे में लेने संदर्भ में बिनती भी की गई है. इस संदर्भ में तहसीलदार ने रेकॉर्ड नियुक्त सचिव को देने संदर्भ में पुलिस निरीक्षक को आदेश दिए. इस आदेश के अंतर्गत पुलिस प्रशासन ने कार्यवाही की.

उक्त मामला न्यायप्रविष्ठ होने के बावजूद संचालक मंडल द्वारा पुल्लुरवार को फिर से एटापल्ली संस्था का पदभार देना उचित नहीं है. जिससे इस मामले की विस्तृत जांच कर पुल्लुरवार इनके सचिव पद का नियुक्ती आदेश रद्द करे, अन्यथा संस्था के किसान सभासदों द्वारा तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी एटापल्ली संस्थेच्या कार्यक्षेत्र के संस्था सदस्यों ने दिया है. ज्ञापन पेश करते समय देवू लेकारी, अनिल करमरकर, नागोराव आत्राम, राकेश आत्राम, रामा तलांडे इनके साथ संस्था सदस्य तथा बडी संख्या में किसान उपस्थित थे.