On an average, each administrator has the responsibility of 4 gram panchayats.

  • जांभली, दवंडीवासीओं की चेतावनी

धानोरा. नरचुली गुट ग्रामपंचायत का विभाजन कर स्वतंत्र जांभली ग्रामपंचायत की निर्मिती करने की मांग विगत अनेक वर्षों से सरकार की और लगाकर पकडी है. मात्र इसकी ओर लगातार अनदेखी की जा रही है. सरकार ने तत्काल स्वतंत्र जांभली ग्रामपंचायत की निर्मिती न करने पर आगामी ग्रामपंचायत चुनाव समेत सभी चुनाव पर बहिष्कार करने की चेतावनी जांभली व दवंडी गाववासीओं ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिलाधिकारी को ज्ञापन से दी है.

ज्ञापन में कहा है की, आरमोरी पंचायत समिती अंतर्गत आनेवाले नरचुली ग्रामपंचायत में नरचुली, वानरचुना, वनखेडा, खारडी, दवंडी, जांभली इन गावों का है. ग्रापं नरचुली अंतर्गत जांभली व दवंडी यह सर्वाधिक राजस्व देनेवाले गाव है. मात्र नरचुली ग्रापं से जांभली की दूरी 17 किमी होने से ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा व विकास के दृष्टी से तथा कार्यालयीन कामकाज के दृष्टी से ग्रापं में जाने के लिए अचडण होती आ रही है. तथा अच्छी सडक व वाहनों की सुविधा न होने से नागरिकों को परेशानीओं का सामना करना पड रहा है. यह अडचण ध्यान में लेते हुए ग्रापं अंतर्गत आनेवाले गाव के नागरिकों ने विगत 35 वर्षों से ग्रामपंचायत का विभाजन करने के लिए सरकार की ओर पहल की. मात्र इसकी ओर हमेशा अनदेखी की गई है.

10 सितंबर 2017 को आयोजित ग्रामसभा में विशेष प्रस्ताव लेकर सर्वसम्मती से नरचुली का विभाजन कर जांभली व दवंडी यह दो गाव मिलकर जांभली इस स्वतंत्र ग्रामपंचाय की स्थापना करने का प्रस्ताव पारित किया गया. उक्त प्रस्ताव 27 फरवरी 2018 को जिप के स्थायी समिती में रखा गया. तत्कालीन जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा उक्त प्रस्ताव कार्यवाही के लिए प्रधान सचिव की ओर भेजा गया है. मात्र सरकार स्तर पर उक्त प्रस्ताव प्रलंबित होने से जांभली व दंवडी वासीओं में तीव्र रोष व्यक्त हो रहा है.

सरकार तत्काल नरचुली ग्रामपंचायत का विभाजन कर स्वतंत्र जांभली ग्रामपंचाय की स्थापना न करने पर आगामी होनेवाले ग्रामपंचायत के चुनाव समेत पंचायत समिती, जिला परिषद, विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव पर बहिष्कार करने की चेतावनी जांभली व दवंडी के ग्रामीणों ने ज्ञापन से दी है.