Eknath Shinde

    गड़चिरोली. गड़चिरोली जिले के कोरची तहसील के जामून को नागपुर जैसी बड़ी बाजार मंड़ी उपलब्ध कराने के लिये नागपुर में राज्य के नगर विकास मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे की ऑनलाईन उपस्थिति में जामून बिक्री को प्रारंभ किया गया है. गड़चिरोली जिले के कोरची जैसे अतिदुर्गम क्षेत्र में करीब 76 फिसदी लोग खेती का व्यवसाय करते है.

    आदिवासी नागरिकों को जामून व्यवसाय से अ’छा उत्पादन मिलेगा और उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, इस उद्देश्य रखा गया है. ऑनलाईन बैठक में कृषि मंत्री दादासाहब भुसे, कृषि विभाग के संचालक व सहसंचालक, आत्मा विभाग, गड़चिरोली के जिलाधिश दीपक सिंगला, जिला अधिक्षक कृषि अधिकारी भाऊसाहब बराटे समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 

    नागपुर का बाजार उपलब्ध होने से मिलेगी अ’छी किमत 

    कोरची तहसील के जामुन महाराष्ट्र समेत पड़ोसी राज्य में कापी परिचित है. लेकिन कोरची के इस स्वादिष्ट जामून को बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण व्यापारी वर्ग काफी कम दाम में स्थानीय नागरिकों से जामून खरीदते थे. पहले व्यापारी यहां के नागरिकों से 10 से 15 रूपये किलों के हिसाब से जामून खरीदते थे. जिसमें व्यापारियों को ही लाभ मिलता था. लेकिन अब कोरची के जामून को नागपुर जैसी बड़ी  बाजार मंड़ी उपलब्ध हो गयी है. साथ ही महिला बचत समूह के माध्यम से इसी जामून को 25 रूपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदा जाएगा. जिससे उत्पादकों को भी वित्तीय लाभ होगा. 

    पूर्व विदर्भ समेत छग के व्यापारी खरीदते थे जामून 

    पहले कोरची तहसील के जामून की खरीदी चंद्रपुर, नागपुर, वड़सा, ब्रम्हपुरी, छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर, राजनांदगांव, भिलाई, दुर्ग आदि शहरों के व्यापारी खरीदते थे. जिसके व्यापारी वर्ग का ही सर्वाधिक वित्तीय लाभ होता था. मात्र काफी मेहनत करनेवाले जामून उत्पादक किसानों का आवश्यकता नुसार वित्तीय लाभ नहीं हो पा रहा था. जिससे उत्पादक किसानों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने की संकल्पना जिले के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने रखी. और अब जामून के सिधी बिक्री को हरी झंड़ी मिलने के कारण पालकमंत्री की संकल्पना पूर्ण हो गयी है. 

    उत्पादकों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने का संकल्प: पालकमंत्री

    कोरची के जामून को अ’छी किमत मिले और आदिवासी किसान वित्तीय रूप से सक्षम हो, इसके लिये नागपुर जैसी बड़ी बाजार मंड़ी उपलब्ध कराने की संकल्पना रखी. नागपुर महानगर में बाजार उपलब्ध होने से कोरची के जामून की मांग बढ़ेगी. साथ ही किसान उत्पादक कंपनी तैयार होने में मदद मिलेगी. जंगल का जामून संकलन से लेकर मूल्यवर्धन कर बाजार में बिक्री करने तक की प्रक्रिया में समावेश किसानों को एकजुट कर बाजार मंड़ी में जामून बिक्री महोत्सव आयोजित करने पर इस व्यवसाय को गति मिलेगी, ऐसा विश्वास पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने  जताया है.