Knock on RFO office for forest tracks

ग्रामीणों ने अपनी विविध मांगों का ज्ञापन वनपरिक्षेत्र अधिकारी को सौंपा।

  • कांग्रेस की अगुवाई में में वनधिकारी को सुनाई आपबीती

आलापल्ली. अहेरी तहसील देचली वनपरिक्षेत्र अंतर्गत कई गांववासी वर्षों से वनजमीन लेकर केवल दस्तावेज जलने का कारण देकर इन आदिवासिओं को वन अधिकार देने में टालमटोल कर रहे है। जिससे देचली वनपरिक्षेत्र के अन्यायग्रस्त ग्रामीणों ने अहेरी तहसील कांग्रेस के नेतृत्व में 30 अक्टूबर को जिमलगट्टा वनपरिक्षेत्र कार्यालय पर दस्तक दी। ग्रामीणों ने अपनी विविध मांगों का ज्ञापन वनपरिक्षेत्र अधिकारी को सौंपा। 

देचली वनपरिक्षेत्र अंतर्गत अतिदुर्गम, अविकसित, नक्सलग्रस्त क्षेत्र के मेट्टीगुडम, कोंजेड, कल्लेड, बिराडघाट, लोहा आदि गांव के आदिवासी गत अनेक वर्षों से वन जमीन लेते आ रहे है। उक्त वन अधिकार प्राप्ती के लिए उन्होंने वनविभाग कार्यालय को आवेदन सौंपा था। विगत 15 वर्षों से उन्हें वन अधिकार के पट्टे प्राप्त नहीं हुए। इसलिए आज अहेरी कांग्रेस तहसीलध्यक्ष मुश्ताक हकीम के नेतृत्व में अन्यायग्रस्त आदिवासियों ने जिमलगट्टा वन कार्यालय पर दस्तक देकर वनपरिक्षेत्र अधिकारी को अपनी मांग का निवेदन सौंपा। 

इस अवसर पर कांग्रेस के तहसीलध्यक्ष मुश्ताक हकीम, तहसील महासचिव स्वप्निल श्रीरामवार, गोसाई वेलादी, राजेश वेलादी, हनंमतु वेलादी, अर्जुन पोरतट, सत्यम शंकर वेलादी, गोपाल आलम, अशोक वेलादी आदि अन्यायग्रस्त आदिवासी किसान उपस्थित थे।