Lockdown: PIL filed in court to bring back 56 pregnant nurses trapped in Saudi Arabia
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  • सरकार, प्रशासन की अनदेखी

एटापल्ली. महिला व बालकल्याण विभाग अंतर्गत एटापल्ली तहसील के अंगणवाडीयां व घरपोच आपूर्ति किया जानेवाला पोषाहार घटिया स्तर का पाए जाने से तहसील में खलबली मची है. इस घटिया पोषाहार आपूर्ति से नौनिहाल बालकों के साथ गर्भवति महिलाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड किए जाने की स्थिती तहसील में देखने को मिल रही है.

कुपोषण की समस्या हल कर माता-बालमृत्यू रोकने के लिए सरकार द्वारा पोषाहार की आपूर्ति करने की योजना चलाई जा रही है. मात्र एटापल्ली तहसील के अंगणवाडी केंद्रो को आपूर्ति होनेवाला पोषाहार घटिया स्तर का होने से सरकार से उक्त योजना व उद्देश पर ही पानी फिरता नजर आ रहा है. महिला व बालकल्याण विभाग अंतर्गत अप्रैल, मई, जून व जुलाई इन 4 माह का पोषाहार अंगणवाडीयों को आपूर्ति किया जा रहा है. मात्र आपूर्ति किया जानेवाला पोषाहार यह घटिया स्तर का पाया गया है. पोषाहार में गेहु, चावल, तुअर दाल, हल्दी, तेल, मर्चि पावडर, नमक आदि पाकीटबंद साहत्यिों का समावेश है. मात्र तहसील के अंगणवाडी केंद्र को आपूर्ति किया जानेवाला तेल व घरपोच आहार घटिया स्तर का पाया गया है. इसमें समयावधि समाप्त होनेवाले तेल व पाकिटबंद आहार पर उत्पादन तिथी व कालबाह्य की तिथी का भी उल्लेख  नहीं होने का दिखाई दे रहा है. पोषाहर आपूर्ति करने के पूर्व संबंधित प्रकल्प को नमुना (सॅम्पल) दिखाना अनिवार्य है. मात्र एटापल्ली के एकात्मिक बाल विकास कार्यालय की ओर किसी तह के नमुने नहीं होने की जानकारी आगे आयी है. 

संबंधित आपूर्तिधारक द्वारा संपूर्ण जिले में पोषाहार की आपूर्ति होने की बात कहीं जा रही है. इस मामले की वस्तिृत जांच कर संबंधित ठेकेदार को काली सुची में डालकर आपूर्तिधारक बदलने की मांग की जा रही है.