Urea eclipse on paddy crop in UP, black marketing increased

  • 13,562 किसान मुआवजा के लिए पात्र
  • 8.94 करोड़ की मदद मंजूर

गोंदिया. जिले में 26 से 29 अगस्त के दौरान हुई अतिवृष्टि का असर गोंदिया व तिरोड़ा क्षेत्र की 15,000 हेक्टेयर में धान फसल पर पड़ा. नुकसान के लिए कृषि व राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण किया गया. इसमें 7,059 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल के 33 प्रश से अधिक नुकसान होने का अह्वाल इन दोनों विभागों ने शासन को भेजा था.

धान फसल को भारी नुकसान
जिले में अगस्त महिने में अतिवृष्टि से बाढ़ की परिस्थिति निर्मित हो गई थी. धान फसल का भारी नुकसान हो गया था. इसी तरह घरों को भी क्षति पहुंची थी. बाढ़ से हुए नुकसान के सर्वेक्षण करने के आदेश राज्य सरकार ने दिए थे. केंद्र की टीम ने भी जिले का दौर कर नुकसान का निरीक्षण किया था.

30 गांव हुए प्रभावित
अतिवृष्टि व मध्यप्रदेश के संजय सरोवर जलाशय से पानी छोड़ने पर वैनगंगा नदी के किनारों पर बसे गोंदिया व तिरोड़ा तहसील के 30 ग्रामों को बाढ़ ने प्रभावित किया था. 3 दिनों तक धान की फसल पानी में डुबी रहने से सड़ गई थी. इसमें कुछ किसानों की फसल बह गई थी जिससे भारी नुकसान हो गया था लेकिन कृषि व राजस्व विभाग के सर्वेक्षण में 7,059 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रश नुकसान बताया गया है. इसके बाद शासन ने 8 करोड़ 94 लाख रु. की निधि मंजूर की है. इसमें नुकसान मुआवजा के लिए 13 हजार 562 किसानों को पात्र ठहराया गया है. यह निधि जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई है, जिसका जल्द ही वितरण किया जाएगा.