पशुओं का टीकाकरण जरूरी

    गोरेगांव.  मातामाय देवस्थान कटंगी प्रकल्प में रेखलाल टेंभरे के नेतृत्व में मवेशियों का टीकाकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ. पशु संवर्धन अधिकारी डा. मालापुरे, पशुपालन विभाग के जयतवार, बेनीराम सावजी चौरागड़े (ग्रा.स), भोयर (ग्रा.स), दिगु हरिणखेड़े, ओंकार नेवारे, अंकुश बघेले, तनुजी हरिणखेड़े, महेश चौरागडे, कन्हैया  भोयर, सोनू रहांगडाले, छोटू रहांगडाले के अलावा डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ अंतर्गत रामकृष्ण बजाज कृषि महाविद्यालय पिंपरी वर्धा के अग्रिकल्चर के विद्यार्थी  नुपुर पुरुषोत्तम बोपचे, निधि कटरे, नेहा पटले, शिखर रहांगडाले, योग चौधरी, वर्षा बंसोड़ आदि  उपस्थित थे. 

    बारिश में घटसर्प, पेट फूलना बीमारियां

    बरसात के मौसम में जानवरों को घटसर्प, एकटांग्या, पेट पुलना जैसी अनेक बीमारियां होती हैं जिससे उनकी  देखभाल करना जरूरी है. पशु किसानों के लिए महत्वपूर्ण होते है. कई किसान मवेशियों  के सहारे खेती करते हैं वहीं कुछ किसान दूध उत्पादन से अपना परिवार चलाते हैं.

    मवेशी संक्रमण व बीमारी से मृत होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान होता है और इलाज में  समय और पैसा भी खर्च होता है.  वैज्ञानिकों ने सभी प्रकार की बीमारियों के ‘वैक्सीन’ इजात की गई. इसलिए, जानवरों को संक्रमित होने से पहले टीका लगाया जाना चाहिए.ऐसी अपील रेखलाल टेंभरे ने किसानों से की.