नगराध्यक्ष इंगले का विकासनामा फर्जी, पूर्व नगराध्यक्ष जायस्वाल के आरोप

    गोंदिया. नगराध्यक्ष अशोक के. इंगले का अपने जन्मदिन पर शहर में किए गए विकास कार्यों का बखान यह शहर वासियों की आंखों में धूल झोंककर चुनावी वर्ष में केवल मतदाताओं को रिझाने का झूठा प्रयास किया है. ऐसा आरोप पूर्व नगराध्यक्ष कशिश के. जायस्वाल ने लगाते हुए पत्रकारों को बताया कि इंगले ने जिन कार्यों का उल्लेख किया है वह सभी कार्य मेरे कार्यकाल 6 अगस्त 2014 से ढाई वर्ष के बीच वाले हैं.

    इसके लिए शासकीय मंजूरी, बजट प्रावधान सहित काम शुरू करने संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई थीं. इतना ही नहीं, जायस्वाल ने बताया कि मेरे कार्यकाल में किए गए कार्यों को अपना काम बताकर वाहवाही लूटने की इंगले की वास्तविकता को शहर की जनता के सामने लाना मेरी जिम्मेदारी है. जायस्वाल का कहना है कि उनके कार्यकाल में शहर के सभी प्रभागों में विकास कार्य किए गए.

    इसमें शहर के विभिन्न मार्गों के निर्माण कार्य, संत रविदास महाराज सांस्कृतिक भवन, व्यापारी संकुल, धोटे सूतिका गृह अस्पताल, जनकनगर ग्राउंड, मल्टीप्लेक्स लायब्रेरी, गौतमनगर प्ले ग्राउंड, मनोहर म्युनिसिपल हाइस्कूल, गोविंदपुर हाइस्कूल आदि का समावेश है. इसी तरह जयस्तंभ चौक परिसर में सुंदर बस स्टॉप बनाने का प्रस्ताव पारित कर निधि आवंटित की गई थी लेकिन इंगले ने अब तक कोई काम शुरू नहीं किया है. उन्हें दूसरे के पुराने कामों को गिनाने की क्यों जरूरत पड़ गई? ऐसा इसलिए कि उन्होंने कोई काम ही नहीं किया है. 

    जनता के सारे काम मैंने किए

    विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया में 90 दिन आचार संहिता लागू थी. इसके बाद समय मिलते ही अनेक काम किए गए थे. मरारटोली स्कूल में बना सांस्कृतिक भवन यह मेरे कार्यकाल का है. इंगले ने शहर विकास के लिए अब तक कोई ठोस कार्य नहीं किया है.  पूर्व नगराध्यक्ष कशिश जायसवाल 

    कार्यों का लेखाजोखा जनता के सामने : इंगले 

    इस संदर्भ में नगराध्यक्ष अशोक के. इंगले ने कहा कि इस विषय में मैं अधिक कुछ भी कहना नहीं चाहता. मेरे निर्वाचन के बाद विकास कार्यों का लेखाजोखा व पारदर्शी तस्वीर सबके सामने है.