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  • हेराफेरी प्रकरणों में कार्रवाई निश्चित

गोंदिया. गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरोली, भंडारा, नागपुर तथा ठाणे व पालघर सहित जिन जिलों में धान फसल का उत्पादन होता है वहां केंद्र सरकार की नीति के अनुसार राज्य शासन आधारभुत हमीभाव के माध्यम से किसानों से धान की खरीदी करता है. इसके बाद राईस मिलर्स के माध्यम से धान की मिलींग कर चांवल शासन का उपलब्ध कराया जाता है लेकिन इसमें खरीदी से लेकर चांवल जमा करने तक अनेक प्रकार की हेराफेरी होने की घटनाएं सामने आई है, इसमें आगे अब कोई हेराफेरी नहीं होगी इस तरह के प्रकरणों में कार्रवाई निश्चित की जाऐगी. ऐसा आश्वासन खाद्यान व नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने दिया है.

इतना ही नहीं आगे छत्तीसगढ राज्य की तर्ज पर राज्य में भी ऑनलाईन पध्दति से धान खरीदी की जा कसती है क्या इस पर भी विचार किया जा रहा है. खरीप मौसम 2020-21 में जिलों में होने वाली धान खरीदी केंद्र सरकार के निर्धारित मानक के अनुसार हो रही है. इस संबंध में खात्री जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी करे, धान खरीदी के उपरांत प्राप्त होने वाला चांवल संग्रह करने के लिए गोदाम की उपलब्धता सुनिश्चित करें, उक्त चांवल लक्ष निर्धारित सार्वजनिक व्यवस्था के तहत लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें, नए धान की मिलिंग का व्यवस्थापन ठीक तरह से करें, गुणवत्ता नियंत्रण मशीनरी सक्षम करें, चांवल की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ले, सचिव के नियंत्रण में फ्लाईंग स्वकॉड तैयार कर मिलर्स व गोदाम की जांच करें, ऐसे निर्देश उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मंत्री भुजबल ने दिए.

इसके अलावा नए धान की मिलिंग संबंधी व्यवस्थापन, गोडाउन के व्यवस्थापन, बारदाना खरीदी व पूर्ति व्यवस्था, धान मिलिंग करने के लिए मिलिंग करने के लिए मिलर्स की नियक्ति नए नियम व शर्त तैयार करने, मिलिंग की क्वॉलिटी अच्छी रखने के लिए उपया योजना करने बैंक गॉरंटी वाले मिलर्स को काम देने संदर्भ में प्रति क्विंटल 1.5 युनिट विद्युत उपयोग, राज्य के कृषि उत्पादन के आधार पर खरीदी का अनुमान व जिला निहाय गोदाम के नियोजन करने, धान सीएमआर, छत्तीसगढ राज्य की तर्ज पर ऑनलाइन खरीदी प्रक्रिया कियान्वित करने सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई. इस निर्णय से धान खरीदी से लेकर शासन को चांवल की आपूर्ति होने तक हेराफेरी की संभावना नहीं के बराबर होगी.