टीटीई नदारद, रेलवे पर 30,000 का जुर्माना

    गोंदिया. स्थानीय प्रमुख अधिवक्ता सुधीर राठोड़ अपनी पत्नी मीनाषी राठोड के साथ 30 अक्टूबर 2017 को पुणे से गोंदिया ट्रेन क्र. 12129 आजाद हिंद एक्सप्रेस से स्लीपर कोच क्र. एस वन की ब्रथ 20 व 17 में टिकट जिसका पीएनआर  83646387903 था से यात्रा कर रहे थे. पुणे से ट्रेन शाम करीब 6. 30 बजे छुटी रात्रि में पुणे से नागपुर स्टेशन के बीच में काफी यात्री इस कोच में चढ़ गए.

    यही नहीं आने जाने के रास्ते पर सो गए. इस वजह से रात में आरक्षित यात्रियों को शौचालय जाने में भरपूर जद्दोजहद करनी पड़ी. समस्या को लेकर शिकायत करने टीटीई को खोजा गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं था. एड. राठोड़ ने गोंदिया पहुंचकर स्टेशन मास्टर के पास 31 अक्टूबर को मेमो क्र. 192579 के तहत लिखित शिकायत दर्ज की और रात्रि की विस्तृत घटना के साथ टीटीई की अनुपस्थिति पर गहरी आपत्ति दर्ज की. 

    नागपुर से मांगी गई जानकारी

    गवाह के रूप में सह यात्री का भी उल्लेख किया गया. रेल प्रशासन द्वारा समुचित प्रतिसाद न मिलने पर एड. राठोड ने आरटीआई के माध्यम से रेलवे के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय पुणे, भुसावल व नागपुर से टीटीई की अनुपस्थिति को लेकर जानकारी मांगी. उस पर जानकारी दी गई कि उस कोच में कोई भी टीटीई सेवारत नहीं था.

    रेलवे ने यह भी जानकारी दी की रेलवे बोर्ड के नियम के अनुसार प्रत्येक तीन स्लीपर कोच के लिए एक टीटीई होना चाहिए व यात्रा वाले दिन ट्रेन में 11 स्लीपर कोच थे. एड. राठोड़ ने सुनवाई के दौरान सिटीजन चार्टर ऑन पैसेंजर सर्विसेस ऑफ इंडियन रेलवेस का भी हवाला दिया. जिसमें रेलवे बोर्ड ने टीटीई की सेवा के संबंधत में विस्तार से दिशा निर्देश दिए हैं. 

    1 माह में भुगतान के आदेश

    टीटीई के गैरहाजिर रहने पर उपरोक्त दिशा निर्देश का पालन नहीं हुआ जिसे जिला ग्राहक तकरार निवारण आयोग ने सेवा त्रुटी मानते हुए यात्री को हुए मानसिक व शारीरिक परेशानी के लिए 20 हजार रु. तथा खर्च के लिए 10 हजार रु. इस तरह कुल 30 हजार रु. एड. राठोड को 30 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश पारित किया है. यह आदेश आयोग अध्यक्ष भाष्कर बी योगी व सदस्या कु. सरिता बी. रायपुरे ने पारित किया है.