FARMERS

    जम्मू. गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर राष्ट्रीय राजधानी (Delhi) में किसानों की ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) के दौरान हुई हिंसा (Violence) के मामले में दिल्ली पुलिस ने जम्मू (Jammu) से एक प्रमुख किसान नेता को हिरासत में लिया है वहीं उनके साथ उनके एक और सहयोगी हिरासत में लिए गए हैं जो खुद भी एक किसान नेता है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों ने यह ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) निकाली थी।

    ‘जम्मू एंड कश्मीर यूनाइटेड किसान फ्रंट’ के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह 26 जनवरी की हिंसा के मामले में जम्मू से हिरासत में लिए गए पहले शख्स हैं। वह जम्मू शहर के चाठा के निवासी हैं।दुसरे की तफ्तीश अभी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सोमवार रात हिरासत में लिया गया और तत्काल ही पूछताछ के लिए दिल्ली भेज ले जाया गया।

    दरअसल दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने जम्मू से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  क्राइम ब्रांच की मानें तो मुताबिक जम्मू के रहने वाले मोहिंदर सिंह खालसा और मनदीप सिंह ने 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों आरोपी ही जम्मू के रहने वाले हैं। वहीं मोहिंदर सिंह को यूनाइडेट कश्मीर फ्रंट का अध्यक्ष बताया जा रहा है। जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।  आरोपियों को आज दिल्ली भी लाया जा चुका है। अब इन्हें अदालत में पेश कर दिल्ली पुलिस रिमांड पर लेगी।  

    बता दें कि इससे पहले 26 जनवरी को लाल किले पर तलवार लहराने वाले शख्स को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था।  29 साल के जसप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।  अब तक दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को अपने गिरफ्त में लिया है और कई की तलाश आगे भी जारी है। 

    गौरतलब है कि केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 26 जनवरी के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हुई थी और कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाल किले पर धार्मिक झंडा भी लगा दिया था। सिंह के परिवार ने उन्हें निर्दोष बताया है और तत्काल उनकी रिहाई की मांग की है।

    सिंह की पत्नी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ उन्होंने मुझे बताया था कि जम्मू पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक ने उन्हें बुलाया है और वह गांधी नगर पुलिस थाने जा रहे हैं। इसके बाद उनका फोन बंद आने लगा। पूछताछ करने पर, मुझे पता चला कि उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें दिल्ली ले जाया गया है।” उन्होंने दावा किया कि जब हिंसा हुई तब उनके पति लाल किले पर नहीं, बल्कि दिल्ली की सीमा पर थे। उन्होंने कहा, ‘‘ वह एसएसपी के पास अकेले गए थे क्योंकि उन्हें कोई डर नहीं था। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।”