GADKARI-SWAMY

    नयी दिल्ली. आज श्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) का 63वां जन्मदिन (HBD Nitin Gadkari) है। यूँ तो वे एक बेहतरीन नेता, विचारक और महाराष्ट्र के एक कर्मठ ‘टास्क मास्टर’ भी माने जाते हैं। वर्तमान में देश में कोरोना के हालातों से यूँ तो केंद्र सरकार (Central Goverment) पूरी एकजुटता से लड़ रही है। ऐसे में वर्तमान परिस्तिथि में अगर कोरोना को कोई शिकस्त दे सकता है तो वे हैं श्री नितिन गडकरी। ऐसा मानने वाले राज्यसभा सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी (Subramaniyan Swamy) उन्हें एक दूरदर्शी और अत्यंत मेहनती नेता भी मानते हैं। इसके साथ ही आज श्री गडकरी के जन्मदिन पर सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी ने अपने अनेकों विचार रखें।  

    सुब्रहमण्यम स्वामी ने भी दी श्री गडकरी को जन्मदिन की बधाई:

    मैं जन्मदिवस पर श्री नितिन गडकरी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मेरा और नितिन गडकरी का परिचय काफी पुराना है। जब मैं युवा मोर्चा का अध्यक्ष था। उस समय वे जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष थे। उसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और संगठन शक्ति के बल पर काफी कार्य किया। वे महाराष्ट्र के मंत्री पद तक पहुंचे। उन्होंने कई सड़कें और पुल बनाए। उनके कार्यकाल में ही देश में पहला 6 लेन एक्सप्रेस-वे बना। यह मुंबई—पुणे एक्सप्रेस-वे है, जो आने वाले समय में भारत में एक्सप्रेस—वे बनाने के लिए मानक और पहचान के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने तय समय, बजट और संसाधन में इस महामार्ग का निर्माण किया। यह अपने आप में एक रिकार्ड था। उस समय तो यह भारत के लिए एक नया कीर्तिमान जैसा था।

    कोरोना से निपट सकते हैं गडकरी: सुब्रहमण्यम स्वामी

    नितिन गडकरी किसी भी अन्य नेता की तरह नहीं हैं। वे एक पढ़े—लिखे, दूरदर्शी और मेहनती नेता हैं। वे कंपनी लॉ, एम।कॉम के साथ ही कानून की पढ़ाई कर चुके हैं। वे एक अच्छे वकील भी हैं। पढ़ाई और सीखने के प्रति उनकी उत्सुकता और जिज्ञासा अब भी बनी हुई है। वे दूरदर्शी भी हैं। जब केंद्र में वाजपेयी सरकार आई तो उन्हें रूरल रोड डेवलपमेंट कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। इसने रिकार्ड समय में अपनी रिपोर्ट पेश की। इसके आधार पर ही वह महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई, जिसे आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नाम से जाना जाता है। जिसे आज की सरकार ग्राम विकास के लिए सबसे अहम योजना के रूप में चिन्हित करती है। यह योजना लगभग 600 बिलियन रुपए की राशि से अधिक की हो गई है, जिसने गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और इसके माध्यम से गांवों में खुशहाली और बेहतरी लाने का कार्य किया है।

    चाइना की सीमा तक बनाई सड़कें:

    उनके पास वर्तमान में भूतल परिवहन, राजमार्ग और अन्य मंत्रालयों का प्रभार है। यहां पर भी उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने देश की सीमाओं तक सड़क पहुंचाने का कार्य किया है। उनके कार्य की चर्चा तो चीन के समाचार पत्र और मीडिया हाउस भी कर रहे हैं। वह यह कह रहे हैं कि पहली बार सड़कों का संजाल लद्धाख तक पहुंच गया है। राजमार्ग की पहुंच सीमा तक हो गई है, जो चीन सरकार को उनके लिए चिंता और खतरे की वजह लगती है। पहली बार है जब सेना के जवान, अधिकारी और तमाम आला अफसर जिनको मैं जानता हूं। वे सभी कह रहे हैं कि वे चीन को सीमा पर टक्कर देने के लिए तैयार है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका रोड की होगी, जो सीमा तक पहुंच रही है।

    तामझाम से दूर निरंतर कार्यशील:

    नितिन गडकरी इस समय केंद्र के एक वरिष्ठ मंत्री ही नहीं हैं बल्कि वे भाजपा के एक बड़े और प्रमुख रणनीतिकार भी हैं। वे भाजपा के चार साल तक अध्यक्ष भी रहे हैं। उनको राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सुदर्शन जी से लेकर वर्तमान में मोहन भागवत जी का स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा है। वे संघ के प्रमुख स्वयंसेवक हैं, जो अपने को तामझाम से दूर रखकर कार्य करते रहते हैं। कालांतर में जनता पार्टी के भाजपा में विलय के बाद भी मेरी और नितिन गडकरी की मित्रता और स्नेहभाव लगातार प्रगाढ़ हुआ है। मैं कई बार उनके बारे में कई बात कहता हूं। जिस पर वे अधिकतर चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन मैं इसका भी सम्मान करता हूं। मैं यही कामना करता हूं कि वे आने वाले पचास वर्ष तक और सक्रिय राजनीति में रहे।

    लोगों को है भरोसा: सुब्रहमण्यम स्वामी

    हाल ही में मैंने ट्विटर पर यह लिखा था कि कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक राष्ट्रीय क्राइसेस मैनेजमेंट टीम बनाए। उसकी अध्यक्षता नितिन गडकरी को सौंपी जाए। इसके बाद उस पर जिस तरह के कमेंट लगातार आते रहे। वह यह दर्शाता है कि दुनिया को उन पर विश्वास है। लोगों को यह पूर्ण विश्वास है कि वह एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कार्य का कर सकते हैं। उन्हें सभी लोग सर्वाधिक योगयवान नेता के रूप में स्वीकार करते हैं। मैं कामना करता हूं कि वह शतायु हो। उनके स्वस्थ जीवन और कार्य से लगातार देश को लाभ होगा। अंत में, मैं एक बार फिर से उन्हें उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।                            

     

    सुब्रहमण्यम स्वामी,

    सांसद (राज्यसभा )