राम माधव: कांग्रेस कर रही थी हमें बदनाम और फंसाने की कोशिश

मुंबई, महाराष्ट्र में पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया की आत्मकथा ने एक नया राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। इस किताब के चलते अब आरएसएस (राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ) के कद्दावर नेता और बीजेपी महासचिव

मुंबई, महाराष्ट्र में पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया की आत्मकथा ने एक नया राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। इस किताब के चलते अब आरएसएस (राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ) के कद्दावर नेता और बीजेपी महासचिव राम माधव भी राजनीतिक अखाड़े में उतर आये हैं । इस किताब को लेकर अब राम माधव का कहना है कि इस किताब से कम से कम यह पता चलता है कि कुछ बड़े कांग्रेसी नेताओं और अन्य बड़े सियासी लोगो ने आरएसएस को 26 /11 हमले से जोड़ने की नाकाम कोशिश की है।

दरअसल, पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मरिया ने अपनी किताब ‘Let Me Say It Now’ में यह खुलासा किया है कि मुंबई हमले में पकडे गए एक मात्र जीवित हमलावर अजमल कसाब को हिन्दू साबित कर मौत के घाट उतारने की साजिश की गयी थी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस काम के लिए दाऊद इब्राहिम गैंग को सुपारी दी गई थी। मरिया ने अपनी किताब में लिखा है कि लश्कर ने योजना बनाई थी कि 26 /11 हमले अगर अजमल कसाब मर जाता है तो उसे वह हिन्दू बताया जाये जिस से हमला हिन्दू संगठनो द्वारा किया हुआ लगे। इसके लिए बंगलुरु निवासी किसी समीर चौधरी नाम के फर्जी पहचान पत्र का भी इंतज़ाम किया गया था। वहीं इस काम के लिए दाऊद इब्राहिम को जेल में क़साब को ख़त्म करने की सुपारी दी गई थी।

अब राकेश मारिया के इस खुलासे के बाद राम माधव एक्शन में आ गए हैं। उनका कहना है कि इस किताब से यह पता चलते है कि कांग्रेस के कुछ नेता और अन्य कई लोग आईएसआई से मिलकर हमें बदनाम करने और फंसाने की कोशिश की कर रही थी। लेकिन यह चाल कामयाब नहीं हो सकी। उनका कहना था की इससे हमारे विरोधियों देश प्रेम पर भी अब प्रश्चिन्ह लगता है। पुस्तक से यह भी पता चलता है कि आईएसआई की साजिश कामयाब नहीं हो सकी, लेकिन कुछ कांग्रेसी नेताओं और अन्य लोगों ने उस साजिश को सफल बनाने की परजोर कोशिश की थी।

राकेश मारिया जो कहना था कह गए और जो लिखना था लिख गए। लेकिन अब कांग्रेस हाशिये पर आ गयी है और कयास है कि आज इस आत्मकथा पर पुरजोर आरोप-प्रत्यरोप की भरपूर राजनीति चलेगी।