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नयी दिल्ली. एक खबर के अनुसार राजधानी दिल्ली के राजनितिक गलियारों में यह सुनाई दे रहा है कि NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) UPA के अगले चेयरपर्सन बन सकते हैं। गौरतलब है कि UPA गठन के बाद से ही काग्रेस (Congress) अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) इसकी चेयरपर्सन हैं। अब बताया जा रहा है कि  कि अपनी अपनी खराब सेहत, कांग्रेस में अब नेतृत्व परिवर्तन की जोरदार मांग और फिर अपने राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल (Ahmad Patel) के निधन के बाद से ही बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से पूरी तरह से हटने का मन रख रही हैं।

खुद पवार ने किया इसे खारिज:

इधर इस मुद्दे पर अब खुद शरद पवार का कहना है कि, “मैं ही UPA का नेतृत्व करूंगा, इस खबर में फिलहाल कोई तथ्य नहीं है।” वहीं चर्चा है यह भी है कि कांग्रेस का अध्यक्ष पद फिर से राहुल गांधी और UPA का चेयरपर्सन पद NCP प्रमुख शरद पवार के पाले में आ सकती हैं। बताया जा रहा है कि इसका प्रधान कारण, UPA में शामिल विपक्षी पार्टियों के दुसरे अन्य नेताओं की तुलना में पवार का बेहतरीन राजनैतिक कद और उनकी सर्वदलों में अच्छी स्वीकार्यता है।

कांग्रेस: विपक्ष को बांटने की है यह साजिश

अब इस मुद्दे पर NCP प्रवक्ता महेश तपासे का कहना है कि, ” UPA के सहयोगियों के बीच ऐसी कोई चर्चा ही नहीं हो रही है। कुछ लोग ऐसी खबरें  जानबूझकर फैला रहे हैं, ताकि किसान आंदोलन से लोगों का ध्यान हटे।”  कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने इन खबरों का जोरदार खंडन करते हुए कहा कि, “यह अफवाहें विपक्ष को बांटने की नीयत से फैलाई जा रही हैं।”

संजय राउत: राजनीति में कुछ भी संभव

वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने बीते बृहस्पतिवार को कहा था कि, “NCP अध्यक्ष शरद पवार में देश का नेतृत्व करने के सभी जरुरी गुण हैं। उनके पास बहुत अनुभव है और उन्हें देश के मुद्दों का भी अच्छा ज्ञान है तथा वह जनता की नब्ज जानते हैं।”

चाहे जो हो लेकिन अगर इन ख़बरों को सही माना जाए तो, निश्चित रूप से कांग्रेस और UPA में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और शरद पवार इन बदलावों का केंद्र बिंदु साबित हो सकते हैं।