Modi talks with 14 chief ministers on the second day on the Corona virus crisis

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में चल रहीं अनेक विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जिसमें उन्होंने क्षेत्र को राष्ट्रीय जलमार्ग का केन्द्र बनाने की वकालत की। मोदी के सामने दिए गए प्रस्तुतिकरण में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में हुई प्रगति को एक ड्रोन वीडियो के माध्यम से दिखाया गया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन पर किये जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। प्रस्तुतिकरण में वाराणसी में विश्वस्तरीय संचार और संपर्क ढांचे के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। बयान में कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि वाराणसी को हल्दिया से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का हब बनाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र, मालवाहक जहाजों के परिवहन का विकास किया जाना चाहिए जैसा बड़े बंदरगाह शहरों में किया जा रहा है।

बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण का काम प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए ताकि काशी अत्याधुनिक रेल, सड़क, जल और वायु संपर्क प्रदान करने वाले बड़े शहरों में शुमार हो। डिजिटल समीक्षा बैठक में वाराणसी के जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मोदी ने निर्देश दिया कि क्षेत्र में लौटे प्रवासी श्रमिकों की कुशलता का प्राथमिकता से पता लगाकर उस आधार पर लाभदायक रोजगार प्रदान किये जाएं। बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और राज्य सरकार नीत कोविड-19 राहत योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव के बारे में भी जानकारी ली गई। काशी विश्वनाथ धाम परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मोदी ने निर्देश दिया कि परिसर के विकास के दौरान निकले सभी पुराने मंदिरों का संरक्षण किया जाये।

उन्होंने कहा कि इन मंदिरों के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को बनाये रखने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जानी चाहिए और कार्बन डेटिंग कराई जानी चाहिए। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को तीर्थयात्रियों के लिए एक मार्ग मानचित्र तैयार करना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गयी कि वाराणसी में इस समय करीब 8,000 करोड़ रुपये की लागत से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है जो अस्पताल, राष्ट्रीय राजमार्ग, रिंग रोड, बाईपास , अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र जैसी सामाजिक एवं भौतिक बुनियादी विकास से जुड़ी हैं। मोदी ने अधिकारियों से कहा कि पूरे बनारस में घरों और सड़कों पर एलईडी बल्ब मिशन मोड में लगाए जाने चाहिए। काशी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्रूज पर्यटन, प्रकाश एवं ध्वनि आधारित संगीत शो, खिडकिया तथा दशाश्वमेध घाटों के पुनरुद्धार एवं ऑडियो-वीडियो स्क्रीन से गंगा आरती के दर्शन जैसे कार्यों को करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने अधिकारियों को जापान और थाइलैंड की तर्ज पर सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया जहां बौद्ध धर्म का अनुसरण बड़े स्तर पर किया जाता है। मोदी ने कहा कि वाराणसी एक पर्यटन स्थल है और इसे स्वच्छता के सभी मानकों पर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ प्लस) के अपेक्षित स्तर को पाने के लिए हरसंभव प्रयास किये जाने चाहिए, घरों से शत प्रतिशत कचरा संग्रहण होना चाहिए तथा पूरे पर्यावरण को बहुत सकारात्मक एवं स्वास्थ्यप्रद बनाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आत्म निर्भर भारत से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की भी समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि इस योजना के लाभ नागरिकों को तेजी से मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी और फेरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति पर गहन नजर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी फेरी वालों के पास उचित प्रौद्योगिकी तथा ढांचा हो जिससे वे नकदीरहित लेनदेन कर सकें। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता में हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए गहन प्रयास होने चाहिए। (एजेंसी)