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  • दिल्ली पुलिस ने 20 किसान नेताओं को जारी किया नोटिस.

नयी दिल्ली. गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर शहर में किसानों (Farmers) की ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी (FIR) में नामजद किसान नेताओं (Farmer Leaders) के विरुद्ध दिल्ली पुलिस ‘लुक आउट’ परिपत्र (Look Out Notice) जारी कर रही है । अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही प्राथमिकी में नामजद किसान नेताओं से उनका पासपोर्ट जमा कराने के लिए भी कहा जाएगा।

दिल्ली पुलिस आज यानि गुरुवार दोपहर को गाजीपुर बॉर्डर पहुंची, यहां पर पुलिस ने किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) को नोटिस थमाया। ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस कई नेताओं को लुक आउट नोटिस जारी कर रही है। राकेश टिकैत का कहना है कि वो जल्द ही पुलिस को नोटिस का जवाब देंगे। 

इसी क्रम में आज दिल्ली पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा को लेकर योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) और बलबीर सिंह राजेवाल (Balbeer Singh Rajewal) समेत 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस बारे में बताया।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इन किसान नेताओं से तीन दिन में अपना जवाब देने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि किसान नेताओं को यह नोटिस इसलिए जारी किया गया है क्योंकि उन्होंने मंगलवार को ट्रैक्टर परेड के लिए तय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक दिन पहले बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि 26 जनवरी की हिंसा में किसान नेता शामिल थे और उन्होंने चेतावनी दी थी कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने योगेंद्र यादव समेत 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है। इन सभी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।”

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई सिलसिलेवार बैठकों के बाद यह निर्णय लिए गए। अधिकारी ने कहा कि शाह लगातार दिल्ली की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उन्होंने बुधवार देर रात और बृहस्पतिवार सुबह भी बैठकें की।

उन्होंने कहा कि आरोपी किसान नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। एक आरोपी को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए उसके विरुद्ध लुक आउट परिपत्र जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस ने 25 प्राथमिकियां दर्ज की हैं जिनमें केंद्र सरकार से बातचीत में शामिल 40 किसान नेताओं में से 30 से अधिक के विरुद्ध दर्ज की गई प्राथमिकी भी शामिल है। बाहरी दिल्ली में समयपुर बादली पुलिस थाने में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के छह प्रवक्ताओं समेत किसान संगठनों के 37 नेताओं के नाम प्राथमिकी में दर्ज हैं। 

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड का लक्ष्य कृषि कानूनों को वापस लेने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग करना था। दिल्ली पुलिस ने राजपथ पर समारोह समाप्त होने के बाद तय रास्ते से ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति दी थी, लेकिन हजारों की संख्या में किसान समय से पहले विभिन्न सीमाओं पर लगे अवरोधकों को तोड़ते हुए दिल्ली में प्रवेश कर गए। कई जगह पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई और पुलिस को लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। प्रदर्शनकारी लाल किले में भी घुस गए और वहां ध्वज स्तंभ पर धार्मिक झंडा लगा दिया था। दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा और तोड़-फोड़ की घटना के संबंध में 25 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के 394 कर्मी घायल हुए हैं।