MAYAWATI

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी ने 2022 में होने वाले विधनासभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया हैं. दिल्ली में शनिवार को पार्टी सुप्रीमों मायावती की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया हैं.

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी ने 2022 में होने वाले विधनासभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया हैं. दिल्ली में शनिवार को पार्टी सुप्रीमों मायावती की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया हैं. इसी के साथ नेताओं को बूथ लेवल तक तैयारियां शुरू करने का निर्देश भी दिया गया हैं. 

ज्ञात हो कि, 2019 लोकसभा चुनाव ने बसपा और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन दोनों दलों को कोई खास फ़ायदा नही हुआ था. बसपा को जहां 10 सीट पर जीत मिली थी, वहीँ समाजवादी पार्टी सिर्फ़ पांच सीट जीत पाई थी. लोकसभा चुनाव में गटबंधन के विरुध आए परिणाम के बाद मायावती ने सपा कार्यकर्ताओं पर वोट नहीं देने का आरोप लगाया था. 

इस बैठक में उत्तर प्रदेश के साथ साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा और 2021 में होने वाले पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला लिया हैं. पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर चल रही बसपा चुनाव में जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने अपने संगठन की सर्जरी करना प्रारंभ कर दिया हैं. 

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने अपना सबसे ख़राब प्रदर्शन किया था. विधानसभा की 403 सीट में से मात्र 19 सीट ही जीत पाई थी. वहीँ पिछले 24 साल से सत्ता से बाहर चल रहीं भाजपा ने प्रचंड जीत के साथ सरकार में वापसी की थी. भाजपा को जहाँ 312 सीट पर जीत मिली थी. वही इस चुनाव में गटबंधन कर चुनाव लड़ने वाली सपा और कांग्रेस मात्र 51 सीट जीत सकी थी.