PARAMAHANS
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    अयोध्या. एक बड़ी खबर के  अनुसार अयोध्या (Ayodhya) के तपस्वी छावनी के संत परमहंस ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। दरअसल बीते रविवार को तपस्वी छावनी में सनातन धर्मसंसद का आयोजन हुआ था और उसके बाद संत परमहंस (Sant Paramhans) ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि, आगामी 1 अक्टूबर को देशभर के लोगों की एक बड़ी सनातन धर्मसंसद का आयोजन होगा। इसमें भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने पर चर्चा होगी।

    क्या कहा संत परमहंस ने

    संत परमहंस ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया तो 2 अक्टूबर को वह सरयू में पूर्ण जलसमाधि ले लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि,  केंद्र को मुसलमानों और ईसाइयों की राष्ट्रीयता इसी वक़्त समाप्त कर देनी चाहिए।

    गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व में भी संत परमहंस ने हिन्दू राष्ट्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को एक-एक पत्र भी भेजा था। उसके बाद उन्होंने आत्मदाह का ऐलान किया था, लेकिन चिता पर बैठने के समय ही अय्योध्या पुलिस पहुंच गई थी। उन्हें मनाकर रोक लिया गया था। इसके बाद संत परमहंस ने एक और ऐलान किया कि अगर 1 अक्टूबर तक भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया तो वह 2 अक्टूबर को वे सरयू में जल समाधि ले लेंगे। अब जैसे जैसे 2 अक्टूबर नजदीक आ रहा है वैसे वैसे संत परमहंस की गतिविधिया भी इसे लेकर और तेज हो रही हैं।

    इधर तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास ने कहा- ” आगामी एक अक्टूबर को सभी संगठन के लोग हिंदू सनातन धर्म संसद का आयोजन करेंगे और 2 अक्टूबर को अगर हमारी बात हिन्दू राष्ट्र को लेकर नहीं मानी गई तो मैं सरयू में पूर्ण जल समाधि लूंगा। मेरी समाधि लेने के बाद हो सकता है मेरी श्रद्धांजलि में प्रधानमंत्री मोदी जी भारत को हिंदू राष्ट्र बना दें, क्योंकि जब हिंदू ही नहीं बचेगा तो यहाँ कुछ नहीं बचेगा।”

    उन्होंने आगे ये भी कहा कि, “जिस तरह से कश्मीर में धर्म के आधार पर ऐलान किए जाते हैं। यदि हिंदू राष्ट्र बनाकर हमने ऐसा नहीं किया तो हिंदू भी तो माइनॉरिटी में हो जाएगा। इसीलिए अब देश को बचाने के लिए हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी है, क्योंकि हिंदू हमेशा से ही उदारवादी रहा है और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर भी कभी इससे दूसरे को कष्ट नहीं होगा।”

    संत परमहंस की कुछ अन्य मांगे 

    • देश के सभी तीर्थ स्थलों के चौरासी कोस की सीमा में मांस और मदिरा को प्रतिबंधित किया जाए।
    • देश के पाठ्यक्रमों में मुगल आक्रांता को महान नहीं बताया जाए। 
    • देशभक्त वीरों भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य देशभक्त वीरों के बारे में पाठ्यक्रमों को पढ़ाया जाए।
    •  देश के मठ मंदिरों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए उनकी बिजली और पानी को मुक्त किया जाए 
    • सरकार संतो को एक लाख रुपये मानदेय भी प्रदान करें।
    • गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें और रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाना चाहिए।

    गौरतलब है कि स्वामी परमहंस दास विगत कुछ महीनों से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की मांग को लेकर एक बड़ी मुहिम चलाए हुए हैं।जिसमें उन्होंने देश के संतो से अपील की है कि वह इसमें अपना समर्थन दें जिससे भारत जल्द ही हिंदू राष्ट्र घोषित हो सके।