Rahul Gandhi made a big attack on the Prime Minister, said- Narendra Modi sold the country to his four friends

    नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने बुधवार को कहा कि सरकार को कोविड-19 (COVID-19) के कारण जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा देना होगा और इसके लिए उनकी पार्टी सरकार पर दबाव बनाएगी। उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो भी जारी किया जिसमें गुजरात में कोविड के कारण जान गंवाने वाले कई लोगों के परिजनों का पक्ष रखा गया है और दावा किया गया है कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण करीब तीन लाख लोगों की मौत हुई।   

    राहुल गांधी ने इस वीडियो के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के ‘गुजरात मॉडल’ पर सवाल खड़े किए और पूछा कि आखिर यह किस प्रकार की सरकार है? कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘गुजरात मॉडल की बहुत चर्चा होती है। हमने जिन परिवारों से बात की है, उनका कहना है कि कोविड के दौरान उन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिला, ऑक्सीजन नहीं मिली और वेंटलेटर भी नहीं मिला।”

    उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब लोगों की मदद करनी थी तब आप (सरकार) नहीं थे। जब उनको सहायता राशि की जरूरत है तो भी आप नहीं हैं। यह किस प्रकार की सरकार है?”  कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘गुजरात की सरकार कहती है कि कोविड के कारण 10 हजार लोगों की मौत हुई। हमने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजा जिससे यह पता चला कि कोविड से गुजरात में करीब तीन लाख लोगों की मौत हुई है। ‘गुजरात मॉडल’ वाले गुजरात में सिर्फ 10 हजार लोगों के परिवार को 50-50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि तीन लाख मृतकों के परिवारों को ज्यादा पैसा मिलना चाहिए।”  

    उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के पास अपने लिए हवाई जहाज खरीदने के लिए 8500 करोड़ रुपये हैं, लेकिन कोविड से जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनके परिवारों के लिए कोई पैसा नहीं है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘कोविड के समय कुछ उद्योगपतियों को पैसे दिए गए, उनके कर माफ किए गए। दो-तीन उद्योगपतियों को पूरा हिंदुस्तान दिया जा रहा है। लेकिन गरीब जनता को कोविड का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।”   

    उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी की दो मांगें हैं- कोविड मृतकों के सही आंकड़े बताए जायें। अपने प्रियजनों को कोविड में खो चुके परिवारों को चार लाख रुपये का मुआजवा दिया जाए। सरकार को चार लाख रुपये पीड़ित परिवारों को देना ही होगा। हम सरकार पर पूरा दबाव डालकर यह काम करवा के रहेंगे।”  

    उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सितंबर महीने में उच्चतम न्यायालय को बताया था कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कोविड-19 से जान गंवा चुके लोगों के परिजन को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की सिफारिश की है।    

    केंद्र ने यह भी कहा था कि कोविड-19 राहत कार्य में शामिल रहने या महामारी से निपटने के लिए तैयारियों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहने के चलते संक्रमण से जान गंवाने वालों के परिजन को भी अनुग्रह राशि दी जाएगी। (एजेंसी)