MODI

    नयी दिल्‍ली. आखिर बीते बुधवार को लम्बे समय से प्रतीक्षारत दूसरे कार्यकाल के पहले मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) विस्‍तार का विस्तार हो ही गया हैलेकिन इस मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस बार कई अच्छे प्रफेशनल्‍स को अहम जगह दी है। जी हाँ नई मंत्रिपरिषद में 6 ऐसे मंत्री हैं जो पेशे से डॉक्‍टर हैं। वकालत करने वाले मंत्रियों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा (13) है। इसी प्रकार PM मोदी की टीम में इस बार 7 पूर्व नौकरशाह भी हैं और 6 डॉक्‍टर्स भी। इनमे तो 7 मंत्री ऐसे हैं जिन्‍होंने पीएचडी भी कर रखी है। 5 इंजिनियर्स हैं जबकि तीन एमबीए डिग्री धारक हैं।

    इस बात मोदी सरकार ने अपनी मंत्रिमंडल विस्तार में ब्‍यूरोक्रेट्स और टेक्‍नोक्रेट्स पर फिर भरोसा दिखाया है। बीते बुधवार शाम को इसी क्रम में कुल 36 नए चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली जबकि 7 मंत्रियों का कद भी बढ़ा। वहीं कल तक केंद्रीय मंत्री रहे 12 नेता अब सरकार का हिस्‍सा नहीं हैं। कुल मिलाकर राजनीतिक संदेश के लिहाज से यह पिछले कुछ सालों का सबसे बड़ा फेरबदल मनन जा सकता है।

    PM मोदी की नयी टीम, कहाँ -कितने प्रोफेशनल्स, देखें – 

    प्रफेशन

    मोदी सरकार में अब  मंत्रियों की संख्‍या

    वकील

    13

    सिविल सर्वेंट्स

    7

    पीएचडी धारक

    7

    डॉक्‍टर्स

    6

    इंजिनियर्स

    5

    MBAs

    3

     

     

    इस बार पूर्व IAS को मिला रेलवे और IT का जिम्‍मा:

    इस बार देखा जाए तो PM मोदी ने रेलवे जैसा अहम मंत्रालय पूर्व IAS अधिकारी अश्विनी वैष्‍णव को सौंपा है। इस बार के कैबिनेट फेरबदल में सबसे बड़ी छलांग वैष्‍णव ने ही मारी  है। अब उनके पास सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी रहेगा। बता दें कि 50 साल के वैष्‍णव ओडिशा से राज्‍यसभा सांसद हैं। वह IIT कानपुर से एमटेक और वॉर्टन से MBA कर चुके हैं। बतौर IAS काम करने से पहले वह GE और सिमंस जैसी मल्‍टीनैशनल्‍स में भी काम कर चुके हैं। फिर उन्‍होंने अपना कारोबार करने की सोची और बाद में राजनीति की तरफ घूम गए।

    मोदी की टीम के और भी कई बड़े चर्चित प्रोफेशनल्स :

    वैष्‍णव की तरह ही बिहार से आने वाले JDU नेता आरसीपी सिंह भी पहले IAS रहे हैं। वह इस बार स्‍टील मंत्रालय संभालेंगे। वहीं ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया है। बता दें कि सिंधिया ने स्‍टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से MBA कर रखा है। तो वहीं राज्‍य मंत्री बनाए गए राजीव चंद्रशेखर के पास M.Tech की डिग्री है, वह हार्वर्ड से ऐडवांस्‍ड मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा क‍र चुके हैं। राज्‍य मंत्री बने भगवंत खूबा के पास भी मेकेनिकल इंजिनियरिंग में B.Tech की डिग्री है।

    इसी प्रकार पश्चिम बंगाल के बांकुरा से पहली बार सांसद बने सुभाष सरकार पेशे से एक गायनकोलॉजिस्‍ट हैं। महाराष्‍ट्र से पहली बार राज्‍यसभा सांसद बनकर पहुंचे भागवत किशनराव भी पेशे से डॉक्‍टर ही हैं। उनके पास MBBS और सर्जरी से जुड़ी तीन डिग्रियां हैं। गुजरात के आने वाले महेंद्र मुंजपारा तीन दशक से भी ज्‍यादा समय से कार्डियोलॉजिस्‍ट रहे हैं। इसी तरह स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री बनाई गईं भारती प्रवीण पवार भी राजनीति में आने से पहले डॉक्‍टर ही थीं।

    नई मंत्रिपरिषद या वकीलों की फौज :

    गौरतलब है कि विदेश, संस्‍कृति मंत्रालय में राज्‍य मंत्री बनाई गईं मीनाक्षी लेखी सुप्रीम कोर्ट में अब भी प्रैक्टिस करती हैं। असम के मुख्‍यमंत्री रहे सर्वानंद सोनोवाल के पास भी LLB की डिग्री है। अब उनके पास आयुष मंत्रालय के अलावा जहाजरानी मंत्रालय भी होगा। एल मुरुगन भी मद्रास हाई कोर्ट में 15 साल तक वकील रह चुके हैं। भूपेंद्र यादव भी वकालत की डिग्री रखते हैं। उत्‍तराखंड से आए अजय भट्ट के अलवा सत्‍य पाल सिंह बघेल और भानु प्रताप सिंह वर्मा भी पेशे से वकील हैं। इस प्रकार मोदी सरकार की नई मंत्रिपरिषद में बड़े प्रफेशनल्‍स के साथ अब वकीलों की भी फ़ौज है।