रोग मुक्त जीवन चाहते हैं, तो रोजाना करें ये 7 योगासन

    नई दिल्ली : आये दिन नयी- नयी बीमारियां सामने आ रही हैं। ऐसे में हमे निरोगी रहना बेहद जरुरी है और निरोगी जीवन जीने के लिए योग करना बेहद जरूरी हैं। अगर आप खुद को सेहतमंद रखना चाहते है तो रोजाना योग करें। आज हम आपके लिए कुछ योगासन के बारे में बताने वाले है। यह योगासन आपको  निरोगी जीवन प्रदान कर सकते है। तो आइये जानते है उन योगासनों के बारे में….

    1. मार्जरी आसन

    इस आसन में रीढ़ की हड्डी को एक अच्छा खिंचाव मिलता है, क्योंकि इसे करते समय आगे की तरफ झुकना और पीछे की तरफ मुड़ना पड़ता है। इसे करने से पीठ दर्द, कमर दर्द और गर्दन के दर्द से राहत मिलती है इसलिए इस आसन को पीरियड्स के दौरान करना सही माना जाता है।

    2. ताड़ासन

    ये आसन आपके शरीर को लचीला बनाता है। वहीं शरीर को हल्का करता है और आराम देता है। ये वजन कम करने में भी मदद करता है।  साथ ही मांसपेशियों में काफी हद तक लचीलापन लाता है। इस आसन को करने के लिए खड़े होकर अपने कमर और गर्दन को सीधा रखें। अब आप अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे-धीरे पूरे शरीर को खींचें। वहीं इस खिंचाव को महसूस करें। कुछ समय के लिए इस पोजीशन होल्ड करें।

    3. उदराकर्षण आसन

    ये आसन करने से स्पाइन की दिक्कत में काफी आराम मिलता है। साथ ही पेट की चर्बी, कब्ज, एसिडिटी और 

    भूख न लगने जैसी समस्याएं ठीक होती हैं। इसे करने के लिए घुटने मोड़कर दोनों पैरों की एड़ी और पंजों पर बैठ जाएं और हाथों को घुटनों पर रखें। गहरी सांस भरें, फिर सांस निकालते हुए दाहिने घुटने को बाएं पंजे के पास जमीन पर टिकाएं और बाएं घुटने को छाती की ओर दबाएं। इस करते समय पेट पर दबाव बनता है।

    4. मंडूकासन (मेंढक आसन)

    वज्रासन में बैठें और अपनी मुठ्ठी बांधकर अपनी नाभि के पास लेकर आएं। मुठ्ठी को नाभि और जांघ के पास खड़ी करके रखें, ध्यान दें की ये करते समय उंगलियां आपके पेट की ओर हो। गहरी सांस लें और छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और छाती को जांघों पर टिकाने की कोशिश करें। झुकते समय नाभि पर ज्यादा से ज्यादा दबाव आए। सिर और गर्दन सीधी रखें और धीरे-धीरे सांस ले और छोड़े। अब आराम से अपनी सामान्य स्थिति में वापस जाएं। शुरू में इस 4-5 बार ही करें।

    5. उष्ट्रासन 

    इस आसन को करने के लिए आपको घुटने के सहारे बैठना होता है। फिर कूल्हे पर दोनों हाथों को रखें। सांस लेते हुए मेरुदंड को खींचे और गर्दन पर बिना दबाव डालें बैठे रहें। इसी स्थिति में थोड़ा सांस लेते रहें। फिर सांस छोड़ते हुए अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं और हाथों को वापस अपनी कमर पर लाएं और सीधे हो जाएं। ध्यान रहे कि घुटने कंधों के समानांतर हों और पैरों के तलवे आसमान की तरफ हों। 

    6. भुजंगासन

    इसे करने से बेडौल कमर को पतली और सुडौल बनाता है। इसकी मदद से मोटापा कम होता है, साथ ही शरीर सुंदर और कान्तिमय बनता है। इस आसन को करने के लिए जमीन पर लेटकर और पीठ को मोड़कर किया जाता है। इस आसन को सर्प मुद्रा भी कहा जाता है क्योंकि इसको करते समय आपका सिर सांप के उठे हुए फन की मुद्रा में होता है।  

    7. बटरफ्लाई आसन

    इसे करने  से मासिक धर्म की पीड़ा कम हो जाती है और प्रजनन अंग मजबूत होते हैं। इसको करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। अब घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं, दोनों हाथों से अपने पांव को कस कर पकड़ लें। एड़ी को जननांगों के करीब रखने की कोशिश करें और तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें। इसे करते समय सांस लें और छोड़ें।