लॉकडाउन में 11.46 मिलियन टन माल की ढुलाई

कोरोना संकट काल में मध्य रेल ने किया सराहनीय प्रयास 

2.18 लाख वैगनों से ढुलाई कर बनाया कीर्तिमान

जलगांव/भुसावल. कोविड 19 महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए मध्य रेल देश को समर्पित है. राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन -1 में मध्य रेलवे ने आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए माल ढुलाई और पार्सल ढुलाई जारी रखा है. लाखों वैगनों की सहायता से कई मिलियन टन माल की ढुलाई करने का कीर्तिमान बनाया है.लॉकडॉन की अवधि में  जब हर कोई कोरोना वायरस महामारी के खतरे से अपने घरों तक ही सीमित था,  मध्य रेल ने 2.18 लाख वैगनों के माध्यम से 11.46 मिलियन टन माल को एक स्थान से दूसरे स्थान भेजा,  जिसमें कोयला,  खाद्य अनाज,  चीनी,  पेट्रोलियम उत्पाद,  उर्वरक,  कंटेनर, लोहा और इस्पात, सीमेंट, प्याज और अन्य विविध सामान शामिल हैं. 

आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने किया प्रयास

मध्य रेल ने अकेले  इस कोरोना वायरस के खतरे के दौरान बिजली की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न  न हो  इसके लिए विभिन्न बिजली संयंत्रों में 87, 559 वैगन कोयला भेजा. खाद्य अनाज और चीनी के 2, 577 वैगनों को भी समय पर वितरण को बनाए रखने के लिए; किसानों के लाभ के लिए उर्वरकों के 8, 194 वैगन और प्याज के 2, 093 वैगन,  सभी हितधारकों को ईंधन की आपूर्ति के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के 21, 860 टैंक वैगनों; उद्योगों को चलाने के लिए आयरन और स्टील के 4, 600 वैगन,  69, 588 कंटेनर वैगन और अन्य विविध उत्पादों के लगभग 9, 211 वैगनों से ढुलाई की.

5 मंडलों में 2.22 लाख बैगन किया अनलोड

लॉकडाउन की इस अवधि के दौरान मध्य रेल के अपने सभी 5 मंडलों सहित अधिकार क्षेत्रों में लगभग 2.22 लाख वैगन  अनलोड किये गए. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए मध्य रेल ने विशेष पार्सल ट्रेनें चलाने का भी निर्णय लिया है. इस लॉकडाउन अवधि के दौरान मध्य रेल ने 12, 625 टन आवश्यक वस्तुओं को भेजा है, जिसमें मेडिसिन/फार्मा उत्पाद,  खाद्य/पेरीशेबल वस्तुएं, ई-कॉमर्स उत्पाद शामिल हैं.