भारत बंद को खान्देश में मिला अभूतपूर्व समर्थन

  • महाविकास आघाड़ी ने किया बंद की आड़ में शक्ति प्रदर्शन

जलगांव. कृषि बिलों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने आज भारत बंद (Bharat Bandh) का आह्वान किया है। जलगांव समेत खान्देश में  किसानों के इस बंद को जोरदार समर्थन मिला. एक तरह से महाविकास आघाड़ी ने शक्ति प्रदर्शन कर भाजपा के होश फाख्ता कर दिए. जलगांव ज़िले में बंद का जोरदार असर देखने को मिल रहा है।

अधिकांश बाजार  शत प्रतिशत बंद रहे. जगह-जगह छुटमुट प्रदर्शन भी हुए। राजनीतिक दल भी किसानों के समर्थन में सड़क पर उतर आए। कांग्रेस शिवसेना ने जलगांव स्थित स्थित आकाशवाणी चौराहे पर सड़क पर धरना देकर जाम लगा दिया, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. 

सड़क पर टायर जलाकर महामार्ग जाम करने की हुई कोशिश 

शहर की सड़कों को बंद करने के लिए आंदोलनकर्ताओं ने बीच सड़क पर टायर जलाकर नगर के रास्तों के साथ महामार्ग जाम करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया. महाविकास आघाड़ी ने बंद की आड़ में अपना शक्ति प्रदर्शन किया, वहीं ज़िले में  मंगलवार से 12वीं तक के स्कूल शुरू किये गए हैं, लेकिन भारत बंद होने के कारण ज़िले के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति नाम मात्र रही. विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि स्कूल का पहला दिन भारत बंद की भेंट चढ़ गया. यात्रियों को बस स्टैंड से जाने के लिए बसें नहीं मिली, जिससे वे परेशान नजर आए।

गोलानी मार्किट में बाजार बंद करवाने के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। हालांकि खान्देश के तीनों जिलों में पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रखा। जिलों को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया। 

केंद्र सरकार सरकार के खिलाफ नारेबाजी  

किसानों के राष्ट्रव्यापी बंद को लेकर अमलनेर में भी बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस विधायक अनिल पाटिल के नेतृत्व में शिवसेना, कांग्रेस किसान सभा और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने इसे काला कानून बता धरना-प्रदर्शन भी किया। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने विजय मारुति मंदिर से जुलूस भी निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शिरपुर तहसील में असरदार रहा ‘भारत बंद’

उधर, शिरपुर तहसील में भी कड़ी सर्दी में राजधानी दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के समर्थन में भारत बंद का असर दिखा. बंद में महाविकास आघाड़ी के सभी प्रमुख दल एवं किसान संघर्ष समन्वय समिति शामिल हुए. 

पिछले दिनों केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि बील को पूरे देश समेत विदेशों में भी जमकर विरोध हो रहा है. यहां शहर के पांच कंदील से कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्रेस, शिवसेना, राष्ट्रवादी पार्टी एवं तहसील किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से बंद को समर्थन जताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के कृषि बिल का निषेध किया गया.

भारत बंद के आह्वान को देखते हुए जलगांव जिले में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया था. पूरे जिले में सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम देखने को मिला। अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवली ने बताया कि भारत बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चौकस रही। 

धुलिया जिले में रहा मिला-जुला असर 

भारत-बंद का धुलिया ज़िले में मिला जुला असर देखने को मिला। ज़िले में स्थिति सामान्य रही. कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है. सरकारी संस्थाओं में पहले की तरह कार्य हो रहा हैं. इसलिए जबरन बंद कराने की कोई खबर नहीं मिली है।