स्टेट बैंक की सेवाओं से उपभोक्ता नाराज

  • स्टेट बैंक मैनेजर के नियंत्रण की कमी का प्रतिकूल प्रभाव

जलगांव. भारतीय स्टेट बैंक शाखा यावल ने शहर में कोर्ट रोड, मेन रोड और जिनिंग मर्चेंट कॉम्प्लेक्स में तत्काल ग्राहक सुविधा के लिए कुल 3 आधिकारिक सेवा केंद्र प्रदान किए हैं, लेकिन शहर में 8 से 9 और बैंक सेवा केंद्र संचालक हैं. ये बैंक सेवा केंद्र के निदेशक, सेवा केंद्रों को निर्धारित स्थानों, पते या स्थानों पर स्थापित किए बिना शहर में अनधिकृत बैंक सेवा केंद्र शुरू किए हैं, जबकि बीमा का भुगतान करते समय सेवा केंद्रों में आने वाले ग्राहकों को व्यवस्थित रूप से भ्रमित करते हैं. उपभोक्ता अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि वे रसीद दिए बिना 30 रुपये अधिक ले रहे हैं, जबकि बीमा राशि केवल 12 रुपये है, तो वे वास्तव में रसीद के बिना ग्राहक से 42 रुपये ले रहे हैं. एसबीआई के कई ग्राहक प्रबंधकों के नियंत्रण की कमी पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.

ग्राहकों से ले रहे अधिक पैसे

यावल में स्टेट बैंक शाखा से जुड़े कुछ ग्राहक सेवा केंद्रों (यावल शहर के आधिकारिक 3 सेवा केंद्रों को छोड़कर) में कई सीमित लोगों का बीमा किए बिना बड़ी रकम निकाल कर कई लोगों को धोखा दे रहे हैं. जिसकी उपभोक्ता संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा अनदेखी की जा रही है. हालांकि, जैसे ही यह मामला ग्राहकों के ध्यान में आया. कई ग्राहकों में भ्रम पैदा हो गया, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह मार्च 2020 में शुरू हुआ था.  

खाताधारकों ने की प्रबंधक से शिकायत

जबकि कुछ जरूरतमंद खाताधारकों ने इस तथ्य को बैंक प्रबंधक के ध्यान में लाया. यावल बैंक द्वारा कुछ संबंधित ग्राहकों को बताया गया कि उन्होंने बीमा निकाला है और बीमा रसीद नहीं होने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता. यावल में कुछ सेवा केंद्र संचालकों से बात करने की हिम्मत नहीं होती. जैसा कि बैंक भी कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की भूमिका के बारे में कई सवाल उठाए जा रहे हैं और संबंधित ग्राहक यह भी पूछ रहे हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान कौन करेगा.  ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अनुसार 12 रुपये का बीमा किया है और ग्राहकों से 30 रुपये लिए हैं. इस तरह से उपभोक्ताओं को लूटा जा रहा है. 

अपरिहार्य पेंशन योजना के बारे में बिना बताए प्रतिमाह काट रहे 251 रुपए

इसी प्रकार, अपरिहार्य पेंशन योजना के बारे में ग्राहकों को सूचित किए बिना प्रतिमाह 250 रुपये से 251 रुपये एक-दूसरे के खातों से काटे जा रहे हैं. बहुत से लोगों को बिना बताए बीमा निकालकर पैसे मांगे जा रहे हैं. यदि पैसे का भुगतान नहीं किया जाता है, तो बीमा रसीद भी नहीं दी जाती. जबकि कुछ लोग एसबीआई प्रबंधक से मिले और उन्हें इस बारे में जानकारी दी. कहा जाता है कि प्रबंधक ने संबंधित कुछ बीमा ग्राहकों को जवाब दिया, जिससे ग्राहकों की संतुष्टि नहीं हुई. ग्राहकों का कहना है कि बीमा राशि को लेकर ग्राहकों की आ रही शिकायतों पर बैंक प्रबंधक को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए. इसके साथ ही बैंक अपने सर्विस सेंटर अपने मूल स्थान पर शुरू करे.