‘अमृत योजना’ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी

  • खोदे गए गड्ढों का नहीं किया डामरीकरण
  • स्थानीय नेताओं की उदासीनता से खड़ी हुईं समस्याएं

वाहिद कारकर

जलगांव. जलगांव शहर सहित तहसीलों की सड़कों की हालत खस्ता हो गई है. लोकनिर्माण विभाग महानगर पालिका प्रशासन और स्थानीय नेताओं की उदासीनता के कारण खराब सड़कों की समस्या से ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक और किसान परेशान हैं. 

शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और नेता कुंभकरणी नींद से जागने को तैयार नहीं हैं. वहीं अमृत योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का आरोप स्थानीय नागरिकों ने मनपा प्रशासन और महापौर और सत्ताधारी भाजपा पर लगाया है. महापौर के लुभावने वादों से नागरिक परेशान हो गए हैं. जलगांव की सड़कें निर्माण और नवीनीकरण के इंतजार में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं.

कछुआ गति से चल रहा ‘अमृत योजना’ का कार्य

जलगांव शहर की सभी सड़कों का खस्ताहाल है. साल भर से कछुआ गति से ‘अमृत योजना’ का कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते नागरिकों को गड्ढों में शहर का अनुभव हो रहा है. गड्ढा युक्त सड़कों से कई लोगों को कमर दर्द स्पाइन की शिकायत होने लगी है. मनपा प्रशासन हाथ पर हाथ धरे ठेकेदार की निष्क्रियता का खेल देख रहा है. वहीं महापौर भारती सोनवणे द्वारा हर महीने नागरिकों को झूठे आश्वासन दिये जा रहे हैं. ‘इस सप्ताह सोमवार से शहरों में गड्ढों की भराई शुरू हो जाएगी, ऐसे न जाने कितने आश्वासन महापौर द्वारा दिए जा रहे हैं. एक प्रकार से जलगांव महानगर पालिका का सत्ता हथियाते समय पूर्व मंत्री गिरीश महाजन ने मतदाताओं से लुभावने वादे किए थे, जिसे अभी तक भाजपा पूरा नहीं कर सकी है. जिसके चलते शहरी मतदाता भाजपा और उसके नेताओं से उनकी करनी कथनी से नाराज हैं.

गड्ढों में तब्दील हुईं सड़कें

‘अमृत योजना’ जलापूर्ति लाइन बिछाने के लिए जलगांव महानगर के तमाम मोहल्लों और मुख्य सड़कों को खोद दिया गया है जिसकी ठेकेदार ने सड़कों की दोबारा मरम्मत भी नहीं की, जिसके चलते सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं. चालकों को वाहन चलाते समय इन गड्ढों में गिरने से दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है. नियमानुसार जलापूर्ति योजना में गड्ढों पर मिट्टी डालकर उसे दोबारा डामरीकरण कराए जाने के प्रावधान है, किंतु जलगांव महानगर पालिका में ठेकेदार द्वारा गड्ढे में पाइपलाइन डालने के बाद जो मिट्टी बची है, उसे ही डाल कर किनारा कर लिया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि इस मामले की अगर जांच की गई तो बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर होगा, किंतु स्थाई समिति सभापति से लेकर महानगर पालिका के सभी पदाधिकारियों को इस ‘अमृत योजना’ में बराबर का हिस्सा दिया जा रहा है जिसके चलते कोई भी इसके खिलाफ आवाज उठाने को तैयार नहीं है.

‘अमृत योजना’ के नाम पर शहर की सड़कों को महानगर पालिका प्रशासन ने उखाड़ कर रख दिया है. पाइपलाइन डालने के बाद भी गड्ढों की मरम्मत ठेकेदार द्वारा नहीं की गई है जिसके चलते स्थानीय नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर निविदा के अनुसार कार्य नहीं करने के आरोप में उसे ब्लैक लिस्ट किया जाए. – गुलाब राव महाजन, शानिपेठ

‘अमृत योजना’ के ठेकेदार और सत्ताधारी नेताओं के बीच आपसी तालमेल के कारण महानगर पालिका को आर्थिक चूना लगाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार जलापूर्ति लाइन बिछाने वाला ठेकेदार सड़क के गड्ढों की मरम्मत के बाद डामरीकरण करता है. किंतु जलगांव में ऐसा नहीं किया जा रहा है. एक प्रकार से ठेकेदार और और नेताओं की मिलीभगत से महानगर पालिका की तिजोरी पर डाका डाला जा रहा है. मामले की उच्च स्तरीय समिति द्वारा जांच कराई जाए. – सचिन देशमुख, नवी पेठ